अमर भारती : पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम एवं नियंत्रण) प्राधिकरण (EPCA) ने शुक्रवार को दिल्ली-NCR में हेल्थ इमरजेंसी की घोषणा कर दी गई है। जिसके बाद दिल्ली सरकार ने सभी स्कूलों को 5 नवंबर तक बन्द करने के निर्देश दिए हैं। बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार देर शाम अधिकारियों के साथ इमरजेंसी बैठक कर स्वास्थ्य बिभाग और नगर निगम को फॉगिंग करने के निर्देश दिए। प्रत्येक नगरीय क्षेत्रों में PWD विभाग को ज्यादा प्रदूषण वाली जगहों पर कुछ समय के लिए निर्माण कार्य पर भी रोक लगाने के आदेश दिए हैं और प्रदेश भर में किसानों को लेकर पराली न जलाने के संवंध में जागरुकता अभियान चलाने को कहा।

पंजाव और हरियाणा में प्रतिबन्ध के बावजूद भी लगातार पराली जलाए जाने के कारण दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण चरम सीमा पर पहुंच गया है। सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च इंडिया के अनुसार आनंद विहार में एक्यूआई का स्तर 690, बवाना में 666, अलीपुर में 532, वजीरपुर में 567, मुंडका में 514, द्वारका में 594, झिलमिल में 522, जहांगीरपुरी में 575, रोहिणी में 552, सोनिया विहार में 497, पंजाबी बाग में 494, मंदिर मार्ग में 488, गाजियाबाद में 520, नोएडा में 532 और ग्रेटर नोएडा में 528 पार के पार हो चुका है।

रिपोर्ट- सुमित कुमार सिंह