अमर भारती : आप सभी अच्छे से जानते हैं कि जंग हमेशा मैदानों में लड़ी जाती है। लेकिन इस जनपद में ऐसा कुछ नहीं होता है। यहां सारी की सारी जंग है। अस्पताल में ही लड़ी जाती हैं। इन दिनों जनपद का जिला अस्पताल जंग का मैदान बना हुआ है। यहां पर आए दिन लोग आपस में लड़ते हैं और एक दूसरे पर लात जूते भी चलाते हैं। इतना ही नहीं आप एक चीज जानकार और हैरान हो जाएंगे की जिला अस्पताल के अंदर पुलिस अधीक्षक के द्वारा एक चौकी का निर्माण भी कराया गया है। लेकिन अस्पताल परिसर में चौकी होने के बाद भी यह कारनामा प्रतिदिन देखने को मिलता है।

रोज लगभग आधे घंटे तक लोगों के बीच में मारपीट होती है। लेकिन उस समय पुलिस का कोई भी कर्मचारी उस जगह पर मौजूद नहीं होता है, कर्मचारी आता तो है। लेकिन कब जब पूरा मामला खत्म हो जाता है। अब देखना यह है कि पुलिस अधीक्षक के द्वारा बनाई गई जिला अस्पताल की चौकी की पुलिस अस्पताल परिसर में होने वाले विवादों को किस तरह से रोकेगी। आपको बता दें इन दिनों बांदा जिला अस्पताल जंग का मैदान बना हुआ है। हर दिन किसी ना किसी बात को लेकर लोगों के बीच में विवाद हो जाता है। और विवाद इतना बढ़ जाता है कि वहां लात जूते चलने तक की नौबत आ जाती है।

अस्पताल परिसर के अंदर घंटों विवाद होता रहता है लेकिन पुलिस का कोई भी कर्मचारी वहां उस मामले को संभालने के लिए मौके पर नहीं मौजूद रहता जबकि अस्पताल परिसर में पुलिस अधीक्षक गणेश शाह के द्वारा एक चौकी का निर्माण भी कराया गया है। लेकिन उसके बाद भी चौकी में उन जंगो के दौरान कोई भी पुलिस का कर्मचारी मौजूद नहीं रहता है। इसी वजह से आए दिन अस्पताल परिसर के अंदर लोगों में आपस में मारपीट होती रहती है।

इन घटनाओं के बाद ना तो पुलिस प्रशासन के द्वारा कोई कड़ा कदम उठाया जाता है। और ना ही जिला अस्पताल के प्रशासन के द्वारा कहीं ना कहीं इसी वजह से वहां पर आने वाले लोगों के हौसले इतने बुलंद है कि आए दिन मारपीट पर आमादा होते रहते हैं। अब देखने वाली बात यह है कि अस्पताल प्रशासन व पुलिस प्रशासन के द्वारा किस तरह की कार्यवाही की जाती है। जिससे जिला अस्पताल में होने वाले रोजमर्रा के झगड़ों से आजादी मिल सकेगी।