अमर भारती : उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में मामला थाना दक्षिण क्षेत्र के रहने वाले विमल का है। दो पक्षो में हो रहे झगड़े को शांत कराना विमल को काफी महंगा पड़ रहा है । बताते चलें कि विमल के पड़ोस में 26 अक्टूबर को दो पक्ष आपस में भिड़ गए थे दोनों पक्षो की लड़ाई को शांत कराने के लिए बीच-बचाव करने पहुचा विमल को ही थाना पुलिस उठा ले गई और सुहाग नगर चौकी प्रभारी को सौंप दिया फिर क्या था।

चौकी प्रभारी ने विमल को  अंदर बैठा दिया और उससे पैसे की मांग कर डाली। पैसे ना होने के कारण उसको 4 घंटे बिठाए रखा। उसको छुड़ाने आई उसकी पत्नी से भी पैसों की मांग कर डाली। उसकी पत्नी ने 2000 कहीं से लाकर दरोगा जी को दिए तो 4 घंटे बाद  दरोगा जी ने विमल को छोड़ दिया। जिसको लेकर विमल व उसकी पत्नी में काफी नाराजगी थी और फिर अपना दर्द  मीडिया के कैमरे पर रखा और फिर खबर चलाई जाने पर दरोगा जी और ज्यादा नाराज हो गए।

फिर क्या था दरोगा जी ने पीड़ित रहे विमल पर ही दबाव बनाना शुरू कर दिया और 1 दिन पीड़ित विमल को बुला कर  काफी डराया धमकाया कहा के जो तुमने पैसे दिए हैं वो वापस कर दूंगा और जितना मैं कहूं उतना हमें लिखकर दे दो।  वैसे ही पीड़ित ने दरोगा जी का दवा मारने से इंकार कर दिया तो दरोगा जी ने झूठे केस में फंसाने की धमकी दे दी। पीड़ित और भी ज्यादा परेशान हुआ पीड़ित ने आज एसएसपी साहब का दरवाजा खटखटाया  एसएसपी साहब ने  पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए एसपी सिरसागंज को जांच दे दी है।