अमर भारती : भारतीय पत्रकारों की इजरायल कंपनी द्वारा व्हाट्सएप (Whatsapp) संदेश के जरिए जासूसी करने के मामले को केंद्र सरकार ने सख्ती से लिया है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस बात की गंभीरता को देखते हुए सोशल मिडिया एप व्हाट्सएप को तलब किया है। इस मामले को देश की सुरक्षा से खिलवाड़ के तौर पर देखा जा रहा है।

रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को अपने बयान में कहा कि मैसेजिंग एप व्हाट्सएप पर भारतीय नागरिकों की निजता के हनन से भारत सरकार काफी चिंतित है। हमने व्हाट्सएप से पूछा है कि किस तरह की सेंध लगाई गई है और करोड़ों भारतीयों की निजता की सुरक्षा के लिए आपने क्या कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि निगरानी रखने के लिए सरकारी एजेंसियों के लिए एक तय प्रोटोकोल है।

हालांकि इस पर रविशंकर प्रसाद ने साफ कर दिया कि जो लोग इस मामले को राजनीतिक रंग देना चाहते हैं, उन्हें अपने समय कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार में तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के आफिस में भी जासूसी का मामला सामने आया था। इसके अलावा तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल वी.के. सिंह की भी जासूसी करने के प्रयास हुए थे।

दरअसल व्हाट्सएप ने इजरायल की जासूसी कंपनी एनएसओ ग्रुप पर गंभीर आरोप लगाया है। व्हाट्सएप ने बताया कि कंपनी भारतीय पत्रकारों और समाजिक कार्यकर्ताओं की जासूसी कर रही थी। लेकिन अब इसको लेकर सतर्क रहने के लिए कहा है।

व्हाट्सएप के एक अधिकारी की माने तो एनएसओ कंपनी भारतीय पत्रकारों और मानवधिकार कार्यकर्ताओं की जासूसी पीगासूस (Peagasus) सिस्टम की मदद से कर रही थी। एक दर्जन से ज्यादा वकील, प्रोफेसर, दलित कार्यकर्ता और पत्रकारों को भी इस बारे में सावधान रहने को कहा था।