अब विदेश में शिक्षा प्राप्त करना और फिर नौकरी पाना हुआ आसान

अमर भारती : हमारे देश में ज्यादातर छात्रों का यह सपना होता है कि वे विदेश में अपनी पढ़ाई कर सकें और उसके बाद विदेश में ही उन्हें नौकरी करने का भी अवसर भी मिल जाए। इसके लिए वे कोशिश भी करते है और लगातार यह प्रयास चलता ही रहता है। जो लोग विदेश चले जाते है वो फिर वहीं पर काम करना पसंद करते है। वैसे इसका मुख्य कारण विदेश में अच्छी सुविधाएं और काम के अनुसार वेतन जो कि हर जगह नहीं मिलता है।

लेकिन अब विदेश में नौकरी पाने या उच्च शिक्षा के लिए विदेशी संस्थानों में दाखिला लेने में भारतीय छात्रों को आसानी होगी। बता दें कि छात्रों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने भारतीय विश्वविद्यालयों को एक आदेश जारी किया है। विदेश में नौकरी करने या उच्च शिक्षा के लिए जाने के इच्छुक छात्रों को अब अपनी डिग्री के सत्यापन के चलते परेशान नहीं होना होगा।

दरअसल यूएई ने विदेश मंत्रालय को भेजी आपत्ति में कहा था कि उनके यहां नौकरी के लिए आने वाले भारतीय छात्रों की डिग्री की सत्यता जांचना बेहद मुश्किल होता है। क्योंकि भारतीय विश्वविद्यालय वेरिफिकेशन रिपोर्ट जल्दी नहीं बनाते हैं। अधिकतर संस्थान अगर रिपोर्ट बनाते भी हैं तो उसे हाथ से लिखते हैं, जिसकी भाषा को समझ पाना मुशकील हो जाता है।

गौरतलब है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए यूजीसी ने विश्वविधालयों को रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा है जिसमें कि सही तरीके से जांच की जानी चाहिए। और इसी के साथ ही अब से विश्वविधालयों को रिपोर्ट का रिकॉर्ड रखने को भी कहा गया है। इससे जूड़ी सभी जानकारी विदेश मंत्रालय और यूजीसी को भेजी जाएगी।