अमर भारती : देश के अगले न्यायमूर्ति के लिए शरद अरविंद बोबडे के नाम को केंद्र सरकार ने मंजूर कर भारत का 47वां प्रधान न्यायाधीश नियुक्त करने की घोषणा कर दी है। सरकार से संबद्ध सूत्रों ने बताया कि उनके नियुक्ति के वारंट पर राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने हस्ताक्षर कर दिए हैं और जल्द ही इसकके लिए एक औपचारिक ऐलान भी किया जाएगा।

बताया जा रहा है कि जस्टिस बोबडे मुख्य न्यायाधीश के बाद उच्चतम न्यायालय के दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं। वह इससे पहले मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं। परंपरा अनुसार वर्तमान मुख्य न्यायाधीश पत्र लिखकर अपने बाद इस कार्यभार को संभालने वाले न्यायाधीश के नाम की सिफारिश करते हैं। जस्टिस गोगोई ने 18 अक्तूबर को राष्ट्रपति को पत्र लिखकर जस्टिस बोबडे का नाम अगले चीफ जस्टिस के लिए आगे किया था।

इससे पहले पिछले साल जस्टिस रंजन गोगोई ने तीन अक्तूबर 2018 को भारत के 46वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली थी। जस्टिस गोगई के कार्यकाल में देश के सबसे ज्यादा संवेदनशील मुद्दे अयोध्या भूमि विवाद पर फैसला आना अभी बाकी है। चीफ जस्टिस के तौर पर कार्यकाल में उच्चतम न्ययालय ने कई बड़े ऐतिहासिक मामलों की सुनवाई की में अपना योगदान दिया है।

जानकारी के अनुसार जस्टिस शरद अवरिंद बोबडे का जन्म 24 अप्रैल 1956 को महाराष्ट्र के नागपुर में हुआ था। उन्होंने 1978 में महाराष्ट्र बार काउंसिल में शामिल हुए थे। बॉम्बे हाईकोर्ट नागपुर बेंच में लॉ प्रैक्टिस की।वर्ष 2000 में बॉम्बे हाईकोर्ट में एडिशनल जज बने। फिर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुए। 2013 में जस्टिस बोबडे को सुप्रीम कोर्ट में जज के तौर पर नियुक्त किया गया। इसके बाद वह 23 अप्रैल 2021 को सेवानिवृत होंगे।