शाबाश अशफाक, तुमने कौम का नाम रोशन कर दिया है, फिक्र मत करो, तुमको महफूज निकाल लेंगे कमलेश तिवारी हत्या कांड

अमर भारती: हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद गुजरात और यूपी की एटीएस टीम ने हत्यारोपियों को लेकर कई खुलासे किए। कमलेश तिवारी को अशफाक और मोइनुद्दीन ने लखनऊ में उनके कमरे के अंदर ही निशाना बनाया था। दोनों ने कमलेश को पहले 15 बार चाकू घोंपा, फिर चेहरे पर गोली मारी। उसके बाद दोनों वहां से भाग निकले। वारदात को अंजाम देने के बाद अशफाक की एक प्रोटेक्टर असीम अली से बात हुई थी। जिसमें असीम ने अशफाक को बधाई देते हुए कहा था, ‘शाबाश अशफाक, तुमने कौम का नाम रोशन कर दिया है। फिक्र मत करना। तुमको महफूज निकाल लूंगा।’

आपको बता दे कि कमलेश की हत्या के बाद यह बात नागपुर निवासी आसिम अली ने अशफाक से कही थी। उसने अशफाक के हौसले की दाद देते हुए दोनों को यूपी से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हर तरह की मदद का भरोसा दिलाया। आसिम ने उससे कहा, ‘किसी तरह से कर्नाटक पहुंचो। वहां दोनों के सरेंडर का पूरा इंतजाम कर दिया जाएगा।’ आसिम ने यह जानकारियां बुधवार को पुलिस की पूछताछ के दौरान दी हैं।आसिम ने बताया कि अशफाक लखनऊ के हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी को मारना चाहता है, इस बारे में उसे कुछ अंदाजा था। हालांकि, वह उसे कब, कहां और किस तरह से मारेगा? इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। आसिम का कहना है कि वह रशिद को पहले से जानता है लेकिन अशफाक के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं थी। करीब आठ महीने पहले सोशल मीडिया पर उसके वीडियो देखकर अशफाक ने फोन पर संपर्क किया। उस वक्त अशफाक ने कुछ दिन तक लगातार बात की। इसके बाद उसकी कॉल आनी बंद हो गईं। दो महीने पहले फिर उसने कॉल करना शुरू कर दिया। बातचीत के दौरान वह कई बार कमलेश तिवारी का जिक्र करता था। उसने कई बार कमलेश को मौत के घाट उतारने की भी बात कही थी।

आसिम ने बताया कि उसने शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे के आसपास टीवी पर कमलेश की हत्या की खबर देखी थी। खबर देखते ही उसने रशिद को फोन किया। रशिद ने उसे बताया कि अशफाक और मोइनुद्दीन ने लखनऊ जाकर कमलेश का काम तमाम कर दिया है। इस पर उसने रशिद से कहा कि अशफाक उसे तुरंत संपर्क करे। रशिद के कहने पर अशफाक ने उसे फोन किया था।

आसिम ने बताया कि कमलेश तिवारी की हत्या के बाद अशफाक ने उससे सात बार मोबाइल फोन पर बातचीत की थी। उधर, गुजरात एटीएस ने आसिम के मोबाइल नंबर की दो-तीन महीने की कॉल डिटेल निकलवाईं जिसमें दोनों के बीच कुल 58 बार बातचीत हुई हैं। इसमें ज्यादातर कॉल अशफाक की तरफ से की गई थीं।

कमलेश के कत्ल के बाद अशफाक और मोइनुद्दीन सीधे लालकुआं स्थित खालसा इन होटल पहुंचे और वहीं से अपने मोबाइल से राशिद को कॉल करके काम पूरा होने की जानकारी दी। उन्होंने दूसरी कॉल मोहसिन को की। इसके बाद अशफाक ने अपनी पत्नी को एक एसएमएस किया। होटल में कुछ देर रुकने के बाद दोनों निकल गए।

पुलिस की पूछताछ में अशफाक और मोइनुद्दीन ने बताया कि वह दोनों मेहमान बनकर आए थे इसलिए मिठाई साथ लाए थे। अशफाक ने बताया कि उसने पहले गुजरात में हिंदू समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जैमिन दवे बापु को पार्टी फंड में 50000 रुपया देने का लालच दिया। उन्होंने मना कर दिया तो कमलेश तिवारी को रुपये देने की योजना बनाई। कमलेश का मेहमान बनकर लखनऊ आने की बात कही। कमलेश उनके झांसे में आ गए और मुलाकात के लिए उपलब्ध हो गया।