अमर भारती : अयोध्या में दो दिवसीय दौरे पर जनपद पहुंचे लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक एसएन साबत ने शासन के निर्देश पर जनपद पुलिस के क्राइम डाटा और क्रियाकलाप की ऑडिट तो की ही साथ ही जॉन प्रभारी की जिम्मेदारी भी निभाई। मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए पुलिस लाइन में अधिकारियों के साथ बैठक कर अपराध और अपराधियों के खिलाफ कार्यवाही की समीक्षा की। जनपद के दो आदर्श थानों,पुलिस लाइन,राम की पैड़ी का निरीक्षण किया और दीपोत्सव कार्यक्रम को लेकर रामनगरी क्षेत्र का भ्रमण कर कार्तिक पूर्णिमा मेले और इस कार्यक्रम की तैयारियों की जानकारी ली। रौनाही थाने और नियावां चौराहे पर आमजन से संवाद के लिए चौपाल भी लगाई।पर्व-त्योहार कार्तिक पूर्णिमा मेले और अयोध्या विवाद को लेकर सुप्रीम फैसले के मददेनजर जिला पुलिस की तैयारियों को जांचा परखा और जरूरी हिदायतें दी। जिला पुलिस की ऑडिट रिपोर्ट लेकर दौरे के दूसरे दिन राजधानी के लिए रवाना हो गए।

मीडिया से वार्ता के दौरान एडीजी लखनऊ जोन एसएन साबत ने बताया कि मौजूदा दीपोत्सव कार्यक्रम, दीपावली व अन्य पर्व, कार्तिक पूर्णिमा मेला तथा अयोध्या विवाद को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के संभावित फैसले को लेकर पुलिस पूरी तरह से तैयार और अलर्ट है।

कानून व्यवस्था तथा शांति के लिए पुलिस महकमे में अपनी रणनीति तैयार कर ली है और फोर्स के डिप्लॉयमेंट का प्लान बना लिया गया है। उन्होंने बताया कि विवाद में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर चाक-चौबंद व्यवस्था की जाएगी। वर्ष 2010 मैं विवाद को लेकर उच्च न्यायालय के फैसले के दौरान जो सुरक्षा व्यवस्था और फोर्स डेप्लॉयमेंट की गई थी, उसको समीक्षा कर अभी से अपग्रेड कर लिया गया है। एडीजी जोन ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कुछ फोर्स की तैनाती कर दी गई है। दीपोत्सव पर्व को लेकर मांगी गई अतिरिक्त पुलिस फोर्स भी जल्द ही जनपद पहुंच जाएगी।इसकी तैनाती का खाता भी तैयार कर लिया गया है। दीपोत्सव कार्यक्रम तथा दीपावली पर्व के बाद फोर्स को नए सिरे से तैनात किया जाएगा।

पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने कहा कि अयोध्या फैसले को लेकर अभी किसी संगठन अथवा अन्य बाहरी लोगो के अयोध्या कूच की कोई जानकारी नही है,बावजूद इसके पुलिस हर हालात से निपटने के लिए तैयार है। एडीजी जोन ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी को अफवाह फैलाने की इजाजत नहीं है।ऐसा करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्जकर कार्यवाई की जा रही है। सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।