अमर भारती : अयोध्या में विवादित परिसर के रिसीवर मंडलायुक्त की ओर से गर्भगृह तथा आसपास 5000 दीप जलाने की अनुमति न मिल पाने के बाद संत धर्मचार्यों ने रणनीति बदल ली है। अब संत धर्माचार्य दीपावली की शाम रामकोट क्षेत्र में सवा लाख दीपक जलाएंगे।

संत धर्माचार्यों विहिप के प्रवक्ता तथा भाजपा नेता की ओर से अधिग्रहीत परिसर के रिसीवर मंडलायुक्त मनोज मिश्र को मांग पत्र देकर दीपावली की शाम विवादित जन्मभूमि के आसपास 5000 दीप जलाने की अनुमति मांगी गई थी। हालांकि रिसीवर की ओर से सुप्रीम कोर्ट का हवाला देकर अनुमति के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने को कहा गया था और अनुमति दे पाने से इंकार कर दिया गया था।

मंगलवार को संत धर्माचार्यों की ओर से कहा गया कि अधिग्रहित श्रीराम जन्मभूमि परिसर मे दीपावली को दीपक जलाने की अभी तक अनुमति न मिल पाना श्रीराम भक्तों की धार्मिक भावनाओ का अपमान है।इस लिए रामभक्त अब दीपावली को श्रीराम जन्मभूमि की ओर मुखकर श्रीराम जन्मभूमि से सटे प्रत्येक मठ-मंदिरों,घरों और मंदिर निर्माण कार्यशाला मे लाखों की संख्या मे दीपक जलाकर प्रभु श्रीरामलला को अपनी श्रद्धा निवेदित करेंगे। मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने कहा कि अयोध्या ही नही पूरे देश समेत विश्व के कई देशों में दीप पर मनाया जाता है।विगत दो वर्षो से योगी सरकार दीपक जलाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड बना रही है,लेकिन जिस मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के अयोध्या आगमन पर यह पर्व मनाया जाता है।उसी की जन्म भूमि पर दीप जलाने के अनुमति नहीं हासिल हो पा रही है।इसके चलते अब संतों ने सम्पूर्ण राम जन्मभूमि क्षेत्र मे दीपक जलाने का निर्णय किया है। अयोध्या संत समिति अध्यक्ष सनकादिक आश्रम पीठाधीश्वर महंत कन्हैया दास ने कहा कि रामलला कि जन्मभूमि पर दीपक जलाने की अनुमानित न्यायालय से मांगनी पड़े,राम भक्तो के लिये इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है?

हनुमान गढ़ी के पुजारी पार्षद रमेश दास ने कहा श्रीराम जन्मभूमि सत्य और सनातन परम्पराओ की पहचान है।इस पहचान को मजबूती प्रदान करने के लिए हम सभी का उत्तरदायित्व है कि रामकोट की परिध मे जन-जन की ओर से दीप जले।

महंत अवध बिहारी दास ने कहा कि श्रीराम हमारी आस्था और विश्वास के केन्द्र है।उनकी पावन जन्मभूमि पर दीपक जलाकर श्रद्धा निवेदित करना सभी भक्तों का संवैधानिक अधिकार है।परन्तु आज हम रामलला के पावन चरणों मे दीपक न जला पाने से आहत हैं।

विहिप प्रवक्ता शरद शर्मा ने संतों की भावनाओ को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि दीपावली असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है।दीप पर्व पर सभी रामकोट में दीपक जलाकर श्रीराम लला को अपनी श्रद्धानिवेदित करे।