अमर भारती : शादी विवाह में दहेज देना और लेना  दोनों ही एक अभिशाप बन चुका है जिसके चलते प्रदेश में आए दिन कितनी नव विवाहित बेटियां दहेज की बलि चढ़ जाती  है। और तो और इन दहेज लोभीओ को कानून का कोई भी खौफ नहीं है। मांग पूरी ना होने पर पहले तो प्रताड़ित किया जाता है और बाद में उन्हें मारपीट कर या तो गला घोट कर हत्या कर दी जाती है। या तो जिंदा जला दिया जाता है।

 

ऐसा ही जीता जागता सबूत एक और जनपद मैनपुरी मैं देखने को मिला जहां दहेज की खातिर एक और 20 वर्षीय नवविवाहिता को अपने जीवन से हाथ धोने पड़ा जिसकी पीट-पीटकर गला दबाकर हत्या कर दी। पूरा मामला, जनपद मैनपुरी के थाना थाना बिछवा क्षेत्र के ग्राम सुल्तानगंज का है। इस गांव के रहने वाले राहुल की शादी जसरथपुर थाना क्षेत्र के ग्राम देवरिया निवासी सुखराम की 20 वर्षीय पुत्री  दीक्षा से 10 माह पूर्व हुई थी सुखराम ने अपनी पुत्री की शादी में यथाशक्ति के अनुसार साडे 3,00,000 खर्च कर शादी की थी। जिसमें राहुल को मोटरसाइकिल के अलावा अन्य सामान भी दिया था शादी राजी खुशी से हुई थी इसके बाद जब दीक्षा ससुराल में जीवन यापन करने लगी तभी आखिर दो-तीन महीने बाद ही उसे ससुराली जन दहेज में बुलेट मोटरसाइकिल एवं जंजीर फ्रिज कूलर की अतिरिक्त मांग करने लगे और दीक्षा को  मानसिक यातनाएं देते हुए  मारपीट करने लगे।

जिसकी शिकायत  जब जब दीक्षा ने  माता पिता  से की  तो लाचार पिता मांग को पूरी न कर पाया तो ससुरालियों ने उसे बेटी ले जाने की बात की लाचार पिता रक्षाबंधन के अवसर पर अपनी पुत्री दीक्षा को ससुराल से ले गया, तो ससुराली जन एवं उसका पति राहुल उसे बुलाने नहीं गया। करवा चौथ के 2 दिन पूर्व दीक्षा का पति और वो उसका एक साथी ससुराल पहुंचे। जहां पंचायत के माध्यम से प्रधान के कहने पर पूरी जिम्मेदारी के साथ दीक्षा को 3 महीने बाद आखिरकार लाचार पिता ने उसकी ससुराल भेज दिया। आखिर क्या पता था उसके पिता को की दीक्षा के साथ ऐसी अनहोनी घटना घटित होगी। उसके जीवन में दीक्षा अब कभी नहीं मिलेगी।