अमर भारती : मानव संसाधन मंत्रालय के अनुसार देश की शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की बात चल रही है। इस बारे में खुद सरकार के केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि सरकार देशभर के कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए एक ही प्रवेश परीक्षा आयोजित करने का विचार कर रही है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि यह प्रस्ताव को नई शिक्षा नीति के तहत लाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इसमें देशभर के लगभग सभी कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में विषय विशेष दाखिले के लिए केवल एक ही परीक्षा कराए जाने का प्रावधान है। साथ ही विषय विशेष में साल में एक से ज्यादा बार प्रवेश परीक्षा का प्रावधान किया गया है। ये भी कहा गया है कि ये परीक्षाएं राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी आयोजित कराएगी।

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की माने तो हम नई शिक्षा नीति को पूरा करने के अंतिम चरण में हैं। इस नीति के संबंध में हमारे पास दो लाख से ज्यादा सुझाव आए थे। उन सुझावों का विश्लेषण पूरा हो चुका है। हम जल्द ही नई शिक्षा नीति का ड्राफ्ट तैयार कर लेंगे।

आगे उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा के लिए आए सुझावों के विश्लेषण के लिए बेंगलुरू में कार्यालय बनाया गया। जबकि स्कूली शिक्षा के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष अनीता करवल की देखरेख में एक समिति ने काम किया और रिपोर्ट फाइनल की है। पांच दिनों पहले ही मेरी सीबीएसई की टीम और शिक्षा सचिवों से इस बारे में बात हुई है। निशंक का कहना है कि कॉमन टेस्ट का प्रावधान लागू होने से छात्रों को काफी मदद मिल सकेगी।