अमर भारती : राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को पुलिस स्मृति दिवस पर पुलिस लाइन पहुंचकर शहीद पुलिस कर्मियों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि प्रकट की। इस अवसर पर उनके साथ उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा और डीजीपी ओम प्रकाश सिंह पूरा पुलिस  अमला मौजूद था। इस दौरान उन्होंने लखनऊ पुलिस लाइन में शोक परेड की सलामी लेने के साथ पुलिसकर्मियों के साहस तथा शौर्य की सराहना की।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जनता को सुरक्षा का अहसास कराने के साथ अपराधियों में भय व्यापत कराना सरकार की प्राथमिकता है।इस वर्ष पांच शहीदों ने पुलिस विभाग के साथ प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उनका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। ऐसे शहीदों के लिए हम हमेशा ऋणी रहेंगें, हमारी सरकार शहीद परिवारों के साथ है। उनकी हर संभव मदद करेगी। सरकार ने अब तक 28,400 पुलिसकर्मियों को प्रोन्नत किया है।अपराधियों में कानून का भय व्याप्त कराने के साथ जनता को सुरक्षा का अहसास कराना भी सरकार का लक्ष्य है। इसमें हमको पुलिस से बराबर सहयोग मिल रहा है। अब तक सौ से अधिक अपराधियों को एनकाउन्टर में मारा गया है जबकि इससे अधिक संख्या में बड़े अपराधी जेल में बंद हैं। अब जनता में सुरक्षा की भावना व्याप्त हुई है। मुख्यमंत्री ने प्रयागराज कुंभ को  सकुशल शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस को बधाई भी दी।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियों बल का गठन किया गया है। गैंगस्टर में 23,700 वांछित अभियुक्त जेल जा चुके हैं। कानून के भय के चलते ही 16,285 वांछित अपराधी जमानत कैंसिल कराकर जेल जा चुके हैं। अब यूपी डायल 100 को 112 कर दिया जाएगा। महिलाओं की शिकायतों के लिए अलग से एप तैयार किया गया है। 5,400 महिलायों को मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही यूपी कॉप एप का दो लाख से अधिक लोग लाभ उठा रहे हैं। पुलिस बल जनता की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहे। अब प्रदेश में कोई संगठित अपराधी जेल से बाहर नहीं है।