अमर भारती : 21 अक्टूबर को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसानों को सिर्फ उत्पादक नहीं उद्यमी भी बनाएं। सरकार इसके लिए कृषि और संबंधित विभागों को बीज से लेकर बाजार उपलब्ध कराने के हर चरण में मदद करेगी। इसके लिए परंपरागत ज्ञान में पारंगत किसानों को अद्यतन तकनीक से भी जोड़ें। उनको बताएं कि कब, क्या और कितनी मात्रा में फसल उगाना है। इसके लिए खेत की मिटटी कैसी है और संबंधित फसल के लिए किस तरह के मिटटी की जरूरत है। इसमें कृषि विश्वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) की महत्वूपूर्ण भूमिका होगी। इसीलिए सूबे में 20 नये केवीके स्थापित किये जा रहे हैं। इसके बाद इनकी संख्या 79 हो जाएगी।

सोमवार को यहां अपने आवास पर मिलियन फार्मर्स स्कूल के पांचवें संस्करण का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जागरूकता को मूल मंत्र बनाने से उप्र के किसानों की आय कई गुना बढ़ सकती है। मिलियन फार्मर्स स्कूल का भी यही मकसद है। सरकार किसानों को उत्पादक से उद्यमी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कर्जमाफी, न्यूनतम समर्थन मूल्य में लगातार बढ़ोत्तरी, इसके दायरे में नयी फसलों को लाना, धान, गेहूं और गन्ना की रिकार्ड खरीद, ऑन लाइन एवं समयबद्ध भुगतान, प्रधानमंत्री सिंचाई योजना, किसान सम्मान योजना,  मंडी अधिनियम में सुधार और सिंचन क्षेत्र में विस्तार आदि इसी की कड़ी हैं। इन्ही सारे प्रयासों के नाते उप्र खाद्यान्न उत्पादन में देश में नंबर एक बनी है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हमारे पास दुनिया की सबसे उर्वर जमीन, भरपूर पानी एवं श्रम और वैविध्यपूर्ण कृषि जलवयायु है। जागरूकता से यहां के किसानों की आय कई गुना बढ़ सकती हैं। खेती में सिंचाई के महत्व के मद़देनजर हमारी सरकार ने आते ही इस पर फोकस किया। दशकों से अधूरी पड़ी सिंचाई परियोजनाओं (बाण सागर, सरयू नहर, अर्जुन सहायक, मध्य गंगा नहर) को पूरा कर दिसंबर-2019 तक हम 17 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र को सिंचित बना देंगें। किसान स्प्रिंकलर एवं ड्रिप इरीगेशन जैसी अपेक्षाकृत दक्ष विधाओं का प्रयोग कर कम लागत और पानी में अपनी उत्पादकता एवं आय बढ़ा सकते हैं। सरकार इस पर 80 से 90 फीसदी तक अुनुदान भी दे रही है। किसानों को इसके लाभ एवं सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधा को बताएं।

तैयार करें जैविक खेती का मॉडल

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कृषि विभाग जैविक खेती का मॉडल तैयार करें। पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले कुछ ब्लाकों को और बाद में जिलों को मॉडल बनाएं। किसानों को हर संभव मदद करे। उनको यह भी बताएं कि पराली (फसल अपशिष्ट) वेस्ट नहीं वेल्थ है। पोषक तत्व के इस खाजाने को कैसे वेल्थ के रूप में बदलें इसका भी तरीका उनको बताना होगा।

इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्रेनर और किसान पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने मिलियन फार्मर्स स्कूल के एप्प को भी लांच किया। मुख्यमंत्री के इस दौरान महिला किसानों को ट्रेक्टर की चाभी भी सौंपी। इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप साही और संबंधित विभागों के मंत्री व मुख्य सचिव समेत कई अधिकारी मौजूद थे।