अमर भारती : भारत सरकार एयर इंडिया की 100 फीसदी हिस्सेदारी बेंचना चाहती है, जिसको लेकर नवंबर में यह प्रक्रिया शुरु होने वाली है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक केंद्र सरकार दिसम्बर में आवेदन मंगाने की योजना बना रही है। जिसकी नवंबर के अन्त तक या दिसम्बर में बोलियां मंगाई जा सकती हैं। इसकी निविदा हाल ही में विकसित ई-निविदा प्रणाली से की जाएगी।

हालांकि एयर इंडिया के कर्मचारियों की यूनियनें विनिवेश के प्रस्ताव का जमकर विरोध कर रही हैं। लगभग 58 हजार करोड़ रुपये के कर्ज में डूबी एयर इंडिया को वित्त वर्ष 2018-19 में ज्यादा ऑपरेटिंग कॉस्ट और फॉरेन एक्सचेंज लॉस के चलते 8400 करोड़ रुपये का घाटा होने के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ा है। एयर इंडिया ऐसी स्थिति में तेल कंपनियों को ईंधन का वकाया भी नहीं चुका पा रही है। एयर इंडिया के ऐसे हालातों के चलते तेल कंपनियों ने ईंधन सप्लाई करने से मना कर दिया है।

गौरतलब है कि अगस्त में एयर इंडिया के 6 एयरपोर्ट (पुणे, विशाखापत्तनम, कोच्चि, पटना, रॉची और मोहाली) पर इंडिया ऑयल समेत दो अन्य तेल कंपनियों ने ईंधन सप्लाई बंद कर दी थी। उस वक्त तेल कंपनियों का एयर इंडिया पर करीब 5 हजार करोड़ रुपये वकाया था।

रिपोर्ट- सुमित कुमार सिंह