अमर भारती : कुशीनगर जिले में इन दिनों अपराध,भ्रष्टाचार, अराजकता चरम पर है। जिससे कि समाज में तमाम तरह की गंदगी के साथ जान जोखिम का नतीजा दिख रहा है। बावजूद भी योगी सरकार की पुलिस से जान माल की सुरक्षा करने के बजाय हत्या कराती हैं ऐसा लोगों का मानना हैं क्योंकि बीते दिनों दैनिक पत्रकार राधेश्याम शर्मा की दर्दनाक हत्या पुलिस की जानकारी में हुई हैं। क्योंकि हत्या के एक दिन पूर्व फोन से पत्रकार ने सीओ से अपनी हत्या होने की आशंका जताते हुए जान माल की सुरक्षा का भी अपील किया था।

लेकिन विभाग के लापरवाह सीओ ने पत्रकार के इन बातों पर की तो विश्वास न किया हो या फिर बेदर्द आरोपियों के प्रभाव में एक्शन न लिया हो ये जांच का विषय हैं। सबसे बड़ा सवाल ये निकल कर आता हैं कि पुलिस ने पत्रकार के इन बातों पर एक्शन क्यों नहीं लिया कार्यवाई क्यो नहीं कि पत्रकार को सुरक्षा क्यों नहीं दिया ये सभी सवाल लोगों के बीच घूम उत्तर ढूढ़ रहा हैं। सीओ भी जांच के कटघरे में हैं ।

पत्रकार हत्या मामले में सीओ कसया के ड्राईवर को एसपी ने निलबिंत कर दिया। केवल कागजों में दूसरे दिन समाचार पत्रों में इस कार्यवाई का खबर भी प्रकाशित हो गई। लेकिन आज भी जमीनी हकीकत से देखा जा रहा है सीओ का ड्राईवर बखूबी अपने पद पर कार्यत हैं। गौरतलब है कि आए दिन हत्या,दुष्कर्म,चोरी,छिनैती बढ़ते क्रम मे चला जा रहा है।  हालांकि वही हम बात करें जिला प्रशासन की तो थोड़ी सी चूक अपराध अपराधियों के मन को बढ़ावा दे दे रहा है।

क्योंकि बीते दिनों 10 अक्टूबर को सीओ ने आज अखबार के पत्रकार राधेश्याम शर्मा की सुरक्षा व्यवस्था करके पुलिस की गाड़ियां दौड़ाई होती गाँवो में तो शायद नहीं बल्कि शत प्रतिशत पत्रकार के ऊपर से उक्त घटना टल गया होता । पत्रकार के आरोपियों को भले ही पुलिस ने आनन-फानन में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया हो लेकिन सूत्रों की माना जाए तो पत्रकार हत्या में कुछ वर्दी वाले भी जिम्मेदार हैं जिन्हें जेल के सलाखों के पीछे रहना चाहिए।

अगर पूरे मामले उच्च स्तरीय जांच करा दिया जाए तो इसकी खुलासा हो जाएगा । फिलहाल डीएम ने पत्रकार हत्या कांड की मजिस्ट्रेटीय जांच का आदेश कर रिपोर्ट मांगा है।