अमर भारती : फर्रूखाबाद जिले के पांचाल घाट पर नमामि गंगे कार्यक्रम में आयोजित काव्य गोष्ठी में अचानक एक बंदर घुस आया। बंदर के उत्पात मचाने के चलते मुख्यतिथि सकते में आ गए। लोगों ने उसे भगाने का प्रयास किया तो इससे बंदर और आक्रोश में आ गया। हमलावर बंदर से बचने के लिए कवि इधर-उधर भागने लगे। यह देख कार्यक्रम में मौजूद लोग ठहाके मारकर हसंने लगे। इसके बाद एनसीसी कैंडेट्स ने बंदर को पुचकारते हुए कार्यक्रम स्थल से बाहर ले गए। हालांकि बंदर का यह खेल लगभग आधे घंटे तक चलता रहा।

राष्ट्रीय स्वच्छता गंगा मिशन के तहत देर शाम को पांचाल घाट पर नमामि गंगे परियोजना के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें गंगा एक्सपीडिशन की 18 सदस्यीयी टीम पहुंची। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया, भोजपुर से भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह राठौर समेत आलाधिकारी मौजूद थे। अभियान टीम के सदस्यों के स्वागत समारोह के बाद काव्य गोष्ठी का कार्यक्रम चल रहा था। इसी बीच अचानक एक बंदर ने आकर स्टेज पर धावा बोल दिया। कार्यक्रम में मौजूद दर्शक कवियों की कविताओं में खोए हुए थे। मगर बंदर का स्टेज पर उत्पात देख सभी हंसते हुए लोटपोट हो गए।

काव्य पाठ कर रहीं अर्चना सिंह ने बंदर को भगाने का प्रयास किया तो वह गुस्से में आकर उनके पीछे पड़ गया। तो उन्हें बंदर से बचने के लिए स्टेज छोड़कर भागना पड़ा.करीब आधे घंटे तक चले उत्पात में कई लोगों ने बंदर को भगाने का प्रयास किया। लेकिन उस बंदर के आगे किसी की नहीं चली। हालांकि सीडीओ डॉ.राजेंद्र पैंसिया ने कार्यक्रम में मौजूद क्षेत्रीय वन अधिकारी को बंदर को पकड़ने को कहा मगर बंदर का उत्पात देख किसी की भी हिम्मत उसे काबू करने की नहीं हो पा रही थी। हालांकि बाद में एनसीसी कैडेट्स ने आकर बंदर को अपने साथ ले गए। जिसके बाद कार्यक्रम सुचारू रूप से आगे बढ़या जा सका। गनीमत रही कि भीड़भाड़ के बीच बंदर ने किसी को काटा नहीं। लेकिन इन सबके बीच लोगों के बीच बंदर चर्चा का विषय बना रहा।