अमर भारती : गाजियाबाद कविनगर थाना पुलिस ने 25 सितंबर को चिरंजीव विहार में हुई अमित सेठ की हत्या का खुलासा करते हुए 5 बदमाशों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। गिरफ्तार बदमाशों से एक पिस्टल 32 बोर छह जिंदा कारतूस, एक तमंचा 315 बोर दो जिंदा कारतूस, 25 हजार रुपये नगद घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल व एक स्कूटी एवं दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

प्रेस वार्ता में एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया 25 सितंबर को दोपहर लगभग 2 बजे  कवि नगर थाना क्षेत्र के चिरंजीव विहार निवासी अमित सेठ की उनके घर के बाहर मोटरसाइकिल सवार तीन बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। जिसकी जांच में  पुलिस टीम लगी हुई थी। गुरुवार दोपहर लगभग 1 बजे मुखबिर की सूचना पर हत्यारोपी रोहित गुप्ता,  पवन कुमार, आकाश, वीरू एवं सुंदर को आत्माराम स्टील तिराहे से गिरफ्तार किया गया है।

 

एसएसपी ने बताया हत्या की पूरी योजना अभियुक्त रोहित गुप्ता द्वारा तैयार की गई थी रोहित मृतक अमित सेठ से पिछले 7 वर्षों से जुड़ा हुआ था। पहले वह फैक्ट्री में डाईंग का काम करता था बाद में रोहित ने मृतक अमित सेठ के साथ फैब्रिक के काम में पार्टनरशिप कर ली। दोनों की पार्टनरशिप में  मृतक अमित सेठ का  रोहित के ऊपर लगभग 96 लाख बकाया हो गया था। जिसके लिए अमित सेठ रोहित से बार-बार अपने रुपए की मांग कर रहा था तथा पैसे ना देने पर उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए कह रहा था। इन दोनों के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर कई बार आपस में गाली-गलौज भी हो गई थी। जिससे परेशान होकर अभियुक्त रोहित ने अमित सेठ की हत्या की योजना बनाई।

जिसके लिए रोहित ने अपने साथ काम करने वाले गौतमबुध नगर के बादलपुर गांव निवासी सुंदर को बताया सुंदर ने घटना के लिए मेरठ निवासी वीरू से बात की वीरू ने आकाश से संपर्क किया और उसके माध्यम से पवन एवं सागर को पूरी घटना को अंजाम देने के लिए तैयार किया। इस घटना को अंजाम देने के लिए 5 लाख में सौदा तय हुआ था। घटना से पहले 2 लाख आरोपियों को दे दिए थे। जबकि बाकी 3 लाख  घटना के बाद देने तय हुए थे। घटना से तीन-चार दिन पहले ही मास्टरमाइंड रोहित एवं सुंदर ने आरोपी पवन, आकाश और सागर को मृतक अमित सेठ का घर दिखा दिया था। इसके बाद सभी आरोपियों ने मिलकर अमित सेठ की रेकी शुरू कर दी। 24 सितंबर को भी इन्होंने अमित सेठ की हत्या की कोशिश की थी। लेकिन उस दिन अमित घर से बाहर नहीं निकले जिससे यह घटना को अंजाम नहीं दे पाए अगले दिन फिर तीनों आरोपी चिरंजीव विहार आए उनके पहुंचते ही हत्या के मास्टरमाइंड रोहित ने अमित सेठ को फोन कर काम के बहाने से बाहर बुला लिया था। जैसे ही अमित सेठ अपनी गाड़ी में बैठे तभी आरोपियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। जिससे अमित सेठ गंभीर रूप से घायल हो गए थे उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उनकी मौत हो गई थी घटना को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। जिन्हें गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया अभी एक आरोपी सागर फरार है उसकी तलाश की जा रही है जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

रिपोर्ट- यशपाल कसाना