अमर भारती : पिछले दो महीने से जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के हटाए जाने के बाद काफी पाबंदियां लगी हुई थीं। लेकिन बीते कुछ दिनों में पाबंदियों को काफी हद तक कम किया गया है। हाल ही में जम्मू-कश्मीर में पोस्टपेड मोबाइल सर्विस को शुरू कर दिया गया है। करीब 70 दिन बाद एक बार फिर घाटी में फोन की घंटियां बजने लगी हैं। जिसके बाद घाटी में हलचल तेज होने लगी है। सेब के व्यापारी आने-जाने लगे हैं। टूरिस्टों का भी आना शुरू हो गया है। जम्मू-कश्मीर में फिर से सामान्य हो रहे हालात आतंकियों को रास नहीं आ रहे हैं, जिससे वो परेशान हैं। किसी बड़ी घुसपैठ या आतंकी घटना करने में नाकाम हो रहा पाकिस्तान अब आम नागरिकों को निशाना बना रहा है। बीते कुछ दिनों में आतंकियों की तरफ से सेब व्यापारी, किसानों को निशाना बनाया जा रहा है। आतंकियों की तरफ से पिछले एक हफ्ते में ऐसे कई हमले किए गए हैं, जिनमें निशाना सेब व्यापारी रहे हैं। फिर चाहे ट्रक ड्राइवर पर हमला हो या फिर सेब में लिखे पाकिस्तानी समर्थित नारे हो। पाकिस्तानी समर्थित आतंकियों की सिर्फ एक ही कोशिश जारी है कि किसी तरह जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाई जाए।

पंजाबी व्यापारियों को बनाया निशाना

बुधवार को पंजाब के रहने वाले जब दो सेब व्यापारी जम्मू-कश्मीर पहुंचे, तो आतंकियों ने उन पर देर शाम करीब 7:30 बजे हमला कर दिया। जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सेब व्यापारी चरणजीत सिंह, संजीव पर आतंकियों ने हमला कर दिया। जिसमें चरणजीत की मौत हो गई जबकि संजीव की हालत काफी गम्भीर बनी हुई है।

राजस्थान और छत्तीसगढ़ के आम नागरिकों को भी बनाया निशाना

ट्रक में सेब भरकर ले जा रहे राजस्थानी ट्रक ड्राइवर को आतंकियों ने अपना निशाना बनाया और गोली मार दी। इस हमले में ट्रक ड्राइवर की मौत हो गई थी। इसके अलावा पुलवामा में भी आतंकियों के द्वारा छत्तीसगढ़ के एक मजदूर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

रिपोर्ट- सुमित चौधरी