अमर भारती :  आज के समय में सबकुछ बदलता जा रहा है यह भी सत्य है कि चिट्ठियों का जमाना तो गुजर गया अब तो WhatsApp और Facebook का समय चल रहा है लेकिन हिक्किम के आसपास के गांवों में संचार का एकमात्र साधन चिट्ठियां ही हैं।

आपको बता दें कि दुनिया का यह सबसे ऊंचा डाकघर है, आप खुद को भी यहां से चिट्ठी भेज सकते हैं। स्पीति के प्रमुख शहर काजा से करीब एक घंटे की दूरी पर है हिक्किम हालांकि अगर आप पोस्टकार्ड काजा से ही खरीद लें तो बेहतर होगा क्योंकि कई बार यहां पर जरूरी सामान भी नहीं पहुंच पाता है।इस उप डाकघर के जिम्मे हिक्किम के अलावा लांगचा-1, लांगचा-2 और कॉमिक गांवों में चिट्ठियां पहुंचाना है। हिक्किम गांव सिर्फ डाकघर के लिए ही नहीं बल्कि यहां पाए जाने वाले फोसिल्स यानी जीवाश्म के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां अक्सर आपको पत्थरों पर अंकित कई जीवाश्म मिल सकते हैं। मान्यता है कि जिसे यह जीवाश्म मिलता है, वह भाग्यशाली होता है।

स्पीति के रास्ते साल में महज कुछ महीनों तक ही खुलते हैं। बर्फ पिघलने के बाद जून से अक्तूबर तक ही यहां आना संभव हो पाता है। बाकी महीनों तक तो यहां बर्फ जमी रहती है। इस उप डाकघर में 1983 से रिनचेन नाम के व्यक्ति डाकिए की भूमिका निभाने में लगे हुए हैं, भारी बर्फ में चिट्ठी पहुंचाने की कोशिश में रिनचेन के लिए घर लौटना ही मुश्किल हो जाता है। कभी-कभी वापस लौटने में उन्हें पूरा एक दिन लगा जाता है।