अमर भारती : भारत को त्योहारों का देश कहा जाता है यहां लगभग हर महीने कोई न कोई त्योहार होता ही है चाहे वो किसी धर्म का क्यों न हो लेकिन यहां कुछ व्रत भी खास होते हैं। करवा चौथ व्रत प्यार और उत्साह का त्योहार है और हर महिला के लिए बहुत पूजनीय होता है।

करवा चौथ के व्रत में शिव, पार्वती, कार्तिकेय, गणेश के साथ चंद्रमा की भी पूजा करने का विधान है। करवा चौथ के व्रत का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन सुहागिन स्त्रियां अपने पति के लिए व्रत रखती हैं और दिन भर भूखी-प्यासी रहकर अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं।यही नहीं कुंवारी लड़कियां भी मनवांछित वर के लिए इस दिन व्रत रखती हैं। यह निर्जला व्रत होता है और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद पति को छलनी में दीपक रख कर देखा जाता है। इसके बाद पति जल पिलाकर पत्नी के व्रत को तोड़ता है, चंद्रमा को आयु, सुख और शांति का कारक माना जाता है और इनकी पूजा से वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है और पति की आयु भी लंबी होती है।

 

इस साल करवा चौथ गुरुवार 17 अक्टूबर को है। मान्यता के अनुसार इस व्रत को वह लड़कियां भी करती हैं, जिनकी शादी की उम्र हो चुकी है या शादी होने वाली है। करवा चौथ महज एक व्रत नहीं है, यह पति-पत्नी के पावन रिश्ते को अधिक मजबूत करने वाला पर्व भी है।

इस बार क्या है शुभ मुहूर्त 17:50:03 से 18:58:47 तक 
करवा चौथ चंद्रोदय समय 20:15:59