अमर भारती : एक तरफ तो योगी सरकार खुले मंच से रिश्वतखोरी भ्रष्टाचार को खत्म करने की बात करती है तो वही सभी अधिकारियों, कर्मचारियों व दलालो को किसी भी योजना में डकैती डालने की छूट नही दी जा रही है। ऐसा भी बोलती है पर योगी जी ऐसा नहीं हो रहा हैं आपसे ज्यादा होशियार आपके सरकार के अधिकारी व कर्मचारी है जोकि आपके इतने शक्त तेवर देखने के बाद भी आपके आदेशो को हवा हवाई करार देते हुए योजनाओं से कैसे कमाई हो जिसके लिए नए नए तरीके खोजने में लगे हैं। जिसका जीत जगता उदाहरण हैं मोदी सरकार की सबसे ज्यादा चलने वाली

प्रधानमंत्री आवास योजना जिसमे लाभार्थियों को अपना अपना आवास बनाने के लिए ढाई लाख रुपये की धनराशि दी जा रही है। जिसके एवज में लाभार्थी से कैसे और कितना पैसा लिया जाए ऐसा ही कुछ फ़िरोज़ाबाद के डूडा विभाग में काफी दिनों से चल रहा है कुछ कर्मचारी सीधी योगी सरकार को चिनोती देते हुए पैसा कमाने के नए नए विकल्प खोजने में लगे हैं और सफलता भी मिल रही  है। इसलिए वो अधिकारी व कर्मचारी लाखो के हेर फेर में हैं बस फर्क इतना है कि डूंडा बिभाग के कर्मचारी लाभार्थी से सीधा पैसा न लेकर अपने नीचे अवैध तरीके से ब्रोकर लगा रखे है जो लाभार्थी से सीधे बात कर 5000 से 20000 तक की फुल पेमेंट कराने की जिम्मेदारी ले लेते हैं और फिर डूडा विभाग के कर्मचारी को रात्रि में बुलाकर चुपचाप से क़िस्त बाएज रुपये देते हैं ।

जब हमने पी ओ डूडा सुभाष वीर सिंह राजपूत से इस संबंध में बातचीत की तो पी ओ डूडा साफ तौर पर कहने लगे कि हमारे कार्यालय में कोई भी व्यक्ति ऐसा कार्य नहीं कर रहा है इससे पहले जो भी लोग गलत कार्य में संलिप्त पाए गए थे इनके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करते हुए कार्यालय से उनको हटा दिया गया है और इस समय हमारे यहां कोई भी व्यक्ति ऐसा कार्य नहीं कर रहा है । जबकि ऐसा नहीं है कि  डूडा विभाग कार्यालय के कर्मचारी पैसा देखकर अपना मुंह मोड़ ले पैसा निरंतर लिया जा रहा है  व शर्तें पी ओ साहब देख नहीं पा रहे हैं ।