सबसे पहले जानते है कि आखिर पूरा मामला क्या है?

दरअसल ये पूरा मामला शाहजहांपुर के सुखदेवानंद लॉ कॉलेज का है। जहां एलएलएम कर रही वो छात्रा पढ़ती थी जिसने चिन्मयानंद पर आरोप लगाया है कि स्वामी पहले भी कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद कर चुका है और उसने उसे भी निशाना बनाया है। छात्रा के मुताबिक, उसके पास संत के खिलाफ सारे सबूत हैं। जिसकी वजह से उसके परिवार को जान का खतरा है।

आइये अब आपको बताते है कि आखिर चिन्मयानंद है कौन?

चिन्मयानंद केंद्र की अटल बिहारी सरकार में गृह राज्य मंत्री रह चुके हैं। वो पहली बार साल 1991 में बीजेपी की टिकट पर यूपी की बदायूं लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे। इसके बाद चिन्मयानंद साल 1998 में मछलीशहर और साल 1999 में जौनपुर लोकसभा सीट से चुने गए थे।बीजेपी के पूर्व सांसद चिन्मयानंद राम मंदिर आंदोलन के बड़े नेताओं में शुमार रहे हैं। शाहजहांपुर में उनका आश्रम है और वो कई शिक्षण संस्थाओं के प्रबंधन से भी जुड़े हैं।

 चिन्मयानंद की हुई गिरफ्तारी

शाहजहांपुर यौन शोषण केस में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद को आखिरकार गिरफ्तार कर ही लिया गया है। अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यूपी की स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम एसआईटी ने चिन्मयानंद को शाहजहांपुर से ही गिरफ्तार किया। इसके बाद शाहजहांपुर की जिला अदालत में चिन्मयानंद का मेडिकल टेस्ट करवाया गया। यहां से उन्हें स्थानीय अदालत में ले जाकर पेश किया गया। अदालत ने स्वामी चिन्मयानंद को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

आइये अब सुनिए चिन्मयानंद के इस कलंक की कथा

सबसे पहले स्वामी शुकदेवानंद विधि महाविद्यालय में पढ़ने वाली एलएलएम की छात्रा ने 24 अगस्त को एक विडियो वायरल किया जिसमे पीड़िता ने स्वामी चिन्मयानंद पर शारीरिक शोषण और कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने के आरोप लगाए। इतना ही नहीं उस वीडियो में उसने चिन्मयानंद से उसके परिवार को जान का खतरा भी बताया था। विडियो वायरल होने के बाद छात्रा लापता हो गई थी।

चिन्मयानंद के खिलाफ दर्ज हुआ केस

इस मामले में 25 अगस्त को पीड़िता के पिता की ओर से कोतवाली शाहजहांपुर में अपहरण और जान से मारने की धाराओं में स्वामी चिन्मयानंद के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया था। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और 30 अगस्त को पीड़िता को उसके एक दोस्त के साथ राजस्थान से बरामद कर लिया गया। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पीड़िता को कोर्ट में पेश किया गया। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एसआईटी ने मामले की जांच शुरू की।

मीडिया के सामने आकर पीड़िता ने लगाए आरोप

इसके बाद पहली बार पीड़िता अपने चेहरे को काले कपड़े से ढककर मीडिया के सामने आई और आरोप लगाया कि शाहजहांपुर पुलिस चिन्मयानंद के खिलाफ रेप केस नहीं दर्ज कर रही है। लड़की ने आरोप लगाया, ‘चिन्मयानंद ने मेरा रेप किया और उसके बाद एक साल तक शारीरिक शोषण किया।

चिन्मयानंद और रंगदारी का विडियो हुआ वायरल

इन सब के बाद चिन्मयानंद केस में एक और मोड़ आया। दरअसल पीड़िता के आरोप के बाद सोशल मीडिया पर एक विडियो वायरल हुआ। इस विडियो में एक अधेड़ उम्र का शख्स लड़की से न्‍यूड होकर मसाज करवा रहा है। अब ऐसे में दावा किया जा रहा है कि विडियो में दिख रहा शख्स कोई और नही बल्कि चिन्‍मयानंद ही हैं।