अमर भारती: कश्मीर पर चारों ओर मुंह की खाने के बाद भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। खुफिया सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, एलओसी के पास पाकिस्तान के आतंकी कैंप फिर से सक्रिय हो गए हैं। इसके साथ ही 7 लॉन्च पैड भी तैयार किए गए है और 275 आतंकी भी ऐक्टिव हैं। जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए अफगान और पश्तून सिपाही भी तैनात किए जा रहे हैं। पाकिस्तान ने यह कदम ऐसे वक्त में उठाया है जब अगले महीने वैश्विक आतंकी वित्त पोषण गतिविधियों पर नजर रखने वाली संस्था फाइनैंशल ऐक्शन टास्क फोर्स पाकिस्तान के भविष्य पर महत्वपूर्ण फैसला लेनेवाला है।इस बैठक में पाकिस्तान के आतंकी फंडिंग को लेकर ब्लैकलिस्ट किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

टाइम्स ऑफ इंडिया के सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी गई है।  टाइम्स ऑफ इंडिया को मिले आधिकारिक दस्तावेजों से मिली जानकारी के मुताबिक, पुख्ता सुत्रों ने इस बात की जानकारी दी है कि पाकिस्तान सेना और ISI उत्तरी कश्मीर के गुरेज सेक्टर के रास्ते काफी संख्या में घुसपैठ के लिए आतंकी लॉन्च पैड बनाए हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की ख़बर के मुताबिक, एलओसी के पास गुरेज सेक्टर के पास 80 आतंकी, मच्छल के पास 60 आतंकी, करनाह के पास 50 आतंकी, केरन के पास 40, उरी में 20 आतंकी, नौगाम सेक्टर में 15 आतंकी  और रामपुर सेक्टर में 10 आतंकी, कैंपों में रह रहे हैं। इस तरह कुल 275 आतंकी इस वक्त सीमापार से आतंकी घुसपैठ की कोशिश में बैठे हुए हैं।

बता दें, पाकिस्तान ने साल 1990 से सीमापार से आतंकी घुसपैठ की शुरुआत की थी। कश्मीर में आतंकी घटनाओं को बढ़ाने के लिए पाकिस्तान ने घुसपैठ का रास्ता अपनाया। लेकिन कश्मीर में भारतीय सुरक्षाबलों के काउंटर ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान डर गया है और अब वो पंजाब प्रांत और गुलाम कश्मीर(पीओके) के रास्ते आतंकी घुसपैठ की कोशिशें करता रहता है।