अमर भारती : उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह अब मुशकील में पड़ते दिखाई दे रहे है क्योकि सीबीआई ने उन्हे बाबरी ढांचा ढहाये जाने के मामले में मुकदमे का सामना करने के मकसद से तलब करने के अनुरोध वाली अर्जी सोमवार को दी। अदालत अयोध्या में छह दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद ढांचा ढहाने की साजिश के लिए देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी, भाजपा के वरिष्ठ मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती व अन्य आरोपियों के मुकदमे की सुनवाई कर रही है।

लेकिन अब इस मामले में अदालत ने सीबीआई से जानकारी ली कि कल्याण सिंह क्या अब राज्यपाल के संवैधानिक पद पर हैं। अदालत ने कहा कि मामले की कार्यवाही चूंकि दिन प्रतिदिन आधार पर चल रही है इसलिए सीबीआई की अर्जी पर 11 सिंतबर 2019 को सुनवाई हो सकती है।

अर्जी पेश करते हुए सीबीआई ने कहा कि कल्याण सिंह के खिलाफ 1993 में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। अभी तक कल्याण सिंह आरोपी के रूप में मुकदमे की कार्यवाही में नहीं लाए जा सके क्योंकि उन्हें राज्यपाल होने के नाते संविधानिक पद पर तैनाथ है।

उच्चतम न्यायालय ने हालांकि सीबीआई को इस बात की अनुमति दी थी कि जब कल्याण सिंह राज्यपाल नहीं रहेंगे तो उन्हें आरोपी के रूप में पेश किया जा सकता है। अभी कुछ समय पहले ही कल्याण सिंह ने राजस्थान के राज्यपाल के पद छोड़ा हैं। सीबीआई ने अपनी अर्जी में कहा कि सिंह तीन सितंबर 2014 को राज्यपाल पद पर नियुक्त हुए थे और उनके पांच साल का कार्यकाल पूरा हो गया है।