अमर भारती  : भारतीय क्रिकेट टीम के महान खिलाड़ियों की सूची में शामिल वर्तमान इंडिया टीम के कप्तान विराट कोहली का, एमी पुरस्कार विजेता पत्रकार ग्राहम बेनसिंगर ने इंटरव्यू लिया, जिसमें कोहली ने अपने जीवन के सबसे अहम पल का खुलासा किया, जो सुनकर सोचने पर मजबूर करता है। जिसमें कोहली ने पिता की मौत के दौरान अपनी मानसिक स्थिति के बारे में बताया है।

आपको बता दें कि विराट कोहली के पिता प्रेम कोहली का 19 दिसंबर 2006 को निधन हो गया था उनकी उम्र 54 साल थी उस वक्त विराट लगभग 18 साल के थे, वह उस समय दिल्ली में रणजी ट्रॉफी का मैच खेल रहे थे, जो कर्नाटक के बीच हो रहा था कोहली ने दिल्ली को फॉलोऑन से बचाने के लिए 90 रनों की शानदार पारी खेली, उसके बाद ही वह अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल हुए।कोहली ने यह भी बताया कि वह अपने पिता को आखिरी सांस लेते नहीं देख पाए थे पिता की मौत ने उनकी जिंदगी पर सबसे ज्यादा असर डाला था उस समय उन्होंने अपने भाई से कहा था कि वह देश के लिए खेलना चाहते हैं और पिता का भी यही सपना था जो विराट कोहली ने उनके सपने को पूरा किया। कोहली ने बेनसिंगर से कहा ‘वह जो करते थे, वो प्योर स्किल्स होती थीं वह जिस तरह की बल्लेबाजी करते थे वो बाकी सभी से अलग ही होती थी और इसी बात ने मुझे प्रभावित किया।

कोहली ने यह भी कहा कि जब मैं मैच देखता था और भारतीय टीम लक्ष्य का पीछा करती थी और हार भी जाती थी तब मैं सोते समय भी यही सोचता था कि अगर मैं उस स्थिति में होता तो मैं मैच जिता देता और ऐसा मेरे करियर में अभी तक कई बार हो चुका है, मैं इस तरह के मैचों में हिस्सा रहना चाहता हूं और टीम को मैच जिताना चाहता हूँ।