अमर भारती : अवैध गतिविधियां (रोकथाम) कानून में किए गए संशोधनों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस भेजा है। याचिकाओं में अवैध गतिविधियां (रोकथाम) कानून में किए गए संशोधनों को कई आधार पर चुनौती दी गई है। याचिकाओं में यह दावा किया गया है कि ये संशोधन नागरिकों के मौलिक आधिकारों का उल्लंघन करते हैं और एजेंसियों को लोगों को आतंकवादी घोषित करने की ताकत प्रदान करते हैं।

गौरतलब है कि प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने सजल अवस्थी और गैर सरकारी संगठन ‘असोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स’ की याचिकाओं पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। बता दें कि अभी हाल ही में संसद ने अवैध गतिविधियां कानून में संशोधनों को मंजूर किया था। इन संशोधनों के बाद सरकारी एजेंसियों को यह अधिकार मिल जाता है कि वह किसी भी व्यक्ति को आतंकवादी साबित कर सकते है।