अमर भारती : गणेश चतुर्थी का शुभ मुहूर्त 2 सितंबर आज यानी सोमवार को मनाया जाएगा। शुभ मुहूर्त में पूजा का विशेष फल मिलता है। ज्योतिषशास्त्र भी इस बात पर जोर देता है कि पूजा मुहूर्त के अनुसार ही होनी चाहिए।

आपको बता दें कि गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा का शुभ मुहूर्त कब है। इस दिन लोग अपने घरों में भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना करते हैं और 9 दिनों तक इसकी पूजा अर्चना करते हैं। और 10वें दिन धूमधाम के साथ भगवान गणेश की मूर्ति का विसर्जन करते हैं।

गणेश चतुर्थी का शुभ मुहूर्त आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार आज सुबह 07 बजकर 34 मिनट से राहुकाल शुरू हो चुका है जो 09 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। यानि ये ठीक समय नहीं है। राहुकाल में कोई शुभ कार्य नहीं किया जाता। अब गणपति स्थापना का शुभ समय आपको बताते हैं।

राहुकाल के ठीक बाद सुबह 09 बजकर 10 मिनट से लेकर 10 बजकर 45 मिनट तक गणपति स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त है। इसके अलावा दोपहर 02 बजे से रात 08 बजकर 06 मिनट तक का समय भी शुभ है आप इस टाइम ड्यूरेशन के दौरान कभी भी गणपति की स्थापना कर सकते हैं।

आपको बता दें कि इस बार गणेश विसर्जन की शुभ तारीख 12 सितंबर है। भगवान गणेश का जन्म भाद्रपद माह के शुक्लपक्ष की चतुर्थी और स्वाति नक्षत्र और सिंह लग्न में हुआ था। इसलिए गणेश चतुर्थी की पूजा हमेशा दोपहर के वक्त की जाती है। गणेश चतुर्थी के इस खास अवसर पर हम आपको भगवान गणेश से जुड़ी कुछ रोचक बातें बताने जा रहे हैं। ‘गण’ का अर्थ होता है विशेष समुदाय और ‘ईश’ का अर्थ होता है स्वामी। सभी शिवगणों और देवगणों के स्वामी होने के कारण सबको गणेश कहा जाता है।

गणेश चतुर्थी सबसे पहले महाराष्ट्र मनाई गई। गणेशोत्सव पूरे देश में धूम-धाम से मनाया जाता है लेकिन जैसा महाराष्ट् में मनाया जाता है वैसा भव्य नजारा कहीं और देखने को नहीं मिलता है। दरअसल महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी की धूम ही होती है। इसे मनाने के पीछे आज़ादी की लड़ाई की एक कहानी जुड़ी हुई है।

1890 के दशक में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान बाल गंगाधर तिलक अक्‍सर मुंबई की चौपाटी पर समुद्र के किनारे जाकर बैठते थे और सोचते थे कि कैसे लोगों को एकसाथ लाया जाए। वहीं उनके दिमाग में एक ख्याल आया है कि क्यों न गणेश चतुर्थी को सार्वजनिक स्थल पर मनाया जाए और इसकी वजह से हर वर्ग के लोग इसमें शामिल हो सकेंगे।