अमर भारती : खेल की दुनिया का कुछ अलग दस्तूर है इसमें अपनी छाप छोड़ने के लिए किसी खिलाड़ी को अधिक समय लग जाता है। किसी कोई कुछ महीने तो किसी को कई साल अपनी पहचान बनाने में लगते हैं। पर कुछ खिलाड़ी एक लम्हे में वो काम कर जाते है, जिसे करने का कुछ लोग सिर्फ सपना ही देख पाते हैं। भारत के युवा टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल  ने अपने पहले ही ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट के पहले ही मैच के पहले ही सेट में ऐसा ही मुकाम हासिल कर लिया है।

हरियाणा के झज्जर जिले के गांव जैतपुर में 16 अगस्त 1997 को पैदा हुए सुमित नागल ने यूएस ओपन 2019  के पहले ही मुकाबले में 20 बार के ग्रैंडस्लैम चैंपियन रोजर फेडरर से पहले सेट में 6-4 से जीत लिया है। लेकिन उन्हें इस मुकाबले में फेडरर के हाथो 4-6, 6-1, 6-2, 6-4 से हरा मिली, पर युवा नागल इस मैंच को हार कर भी जीत गए। मैंच के बाद आखिरी समय मे जब स्विट्जरलैंड का टेनिस लीजेंड भारत के युवा टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल की तारीफ करे तो यह क्या किसी जीत से कम है।

सुमित के पिता जी सुरेश नागल रिटायर फौजी हैं और उनकी टेनिस में भी रुचि थी। लेकिन सुमित पर तो क्रिकेट का खुमार था। कोई स्पोर्ट्स बैकग्राउंड नहीं था तो क्रिकेट ही खेलना शुरू कर दिया। मगर उनके पिता उन्हें भीड़ का हिस्सा नहीं बनने देना चाहते थे। यही वजह रही कि वह सुमित को स्‍थानीय स्पोर्ट्स क्लब ले गए जहां सुमित ने आठ साल की उम्र में पहली बार टेनिस देखा, सिखा और खेला भी। इसके बाद बेटे को टेनिस खिलाड़ी बनाने के लिए परिवार देश की राजधानी दिल्ली के नांगलोई क्षेत्र में आकर बस गए।

सुमित ने आठ साल की उम्र से लगातार टेनिस का अभियास करना शुरू कर दिया। दो साल बाद ही टेनिस दिग्गज महेश भूपति के मिशन-2018 के रूप में नागल के पास सुनहरा मौका सामने आया। भूपति का ये मिशन भारत को पहला ग्रैंडस्लैम सिंगल्स चैंपियन दिलवाने के लिए शुरू किया गया था। सुमित नागल ने महेश भूपति से सिर्फ एक ही सवाल पूछा, क्या आप मेरा खेल देखेंगे प्लीज। इसके बाद सुमित नागल की दुनिया एकदम बदल गई। देशभर के हजारों युवाओं में से तीन को इस मिशन के लिए चुना गया, उनमें सुमित नागल का नाम भी शामिल था। महेश भूपति की देखरेख में आगे की ट्रेनिंग के लिए उन्हें बेंगलोर ले जाया गया।

सुमित नागल, रोजर फेडरर, यूएस ओपन यूएस ओपन 2019 के अपने पहले मुकाबले में सुमित नागल ने पहले सेट में रोजर फेडरर को 6-4 से हरा कर बता दिया कि भारत भी टेनिस मे अपना नाम कर सकता है ।

रिपोर्ट – सोनू यादव