अमर भारती : अनुच्छेद 370 को जम्मू-कश्मीर से हटाने और क्षेत्र में मीडिया पर पूरी तरह से रोक लगाने के केंद्र सरकार के फैसले को उच्चतम न्यायालय में कड़ी चनौती का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि अभी इस मामले की याचिका पर कोर्ट में सुनवाई जारी है। इस दौरान प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने याचिकाकर्ता एम एल शर्मा को जमकर फटकार लगाई है।

बता दें कि इस याचिका पर नाराजगी जताते हुए सीजेआई रंजन गोगोई ने पूछा कि ये किस तरह की याचिका है? क्या ऐसे याचिका दायर की जाती है? इसमें अनेक्सर नहीं है। कोई प्रेयर नहीं है। आप कहना क्या चाहते हैं कुछ पता नहीं है। मैंने आपकी याचिका आधे घंटी तक पढ़ी लेकिन इसमें कुछ भी समझ नहीं आ रहा है।

एक तरफ अधिवक्ता ने जहां अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाए जाने को लेकर चुनौती दी है तो वहीं दूसरी ओर पत्रकार ने अपनी याचिका में पूरे राज्य में मोबाइल इंटरनेट एवं लैंडलाइन सेवाओं समेत संचार के सभी माध्यमों को फिर से शुरु करने की मांग की है ताकि मीडिया अपना काम कर सके।

दरअसल जम्मू-कश्मीर पर केंद्र सरकार के बड़े फैसले के बाद इस याचिका दायर को दायर किया गया था। इस याचिका में दावा किया गया है कि अनुच्छेद 370 पर राष्ट्रपति का आदेश गैरकानूनी है क्योंकि यह जम्मू-कश्मीर विधानसभा की सहमति के बिना जारी किया गया।