अमर भारती : हाल ही में कांग्रेस नेता तहसीन पूनावाला ने जम्मू-कश्मीर से कर्फ्यू हटाने, फोन-इंटरनेट और न्यूज चैनल पर लगे प्रतिबंध हटाने की मांग की थी। साथ ही पूनावाला ने मांग की कि कोर्ट पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती जैसे नेताओं को रिहा करने का आदेश जारी करे और जमीनी हकीकत की जांच के लिए एक न्यायिक आयोग का गठन करे।

इस दौरान उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि राज्य में प्रतिबंध कब तक जारी रहेंगे? इस पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कांग्रेस नेता तहसीन पूनावाला की याचिका पर सुनवाई की।

इसके संबंध में केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- 2016 में इसी तरह की स्थिति को सामान्य होने में 3 महीने का समय लगा था। सरकार की कोशिश है कि जल्द से जल्द स्थिति पर काबू पाया जा सके। वहीं सरकार ने कहा कि ‘‘वहां हालात बेहद संवेदनशील हैं और प्रतिबंध सभी के हित में हैं’’। ‘‘हम राज्य के हालात की हर दिन समीक्षा कर रहे हैं। वहां खून की एक भी बूंद नहीं गिरी, किसी की जान नहीं गई’’।