अमर भारती : हाल ही में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने चीनी विदेश मंत्री वांग ली के साथ बीजिंग में मुलाकात की थी।इसके चलते दोनों विदेश मंत्रियों के बीच कश्मीर का मसला भी उठा और चीन ने भारत के सामने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के फैसले पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इससे क्षेत्रीय अखंडता पर असर पड़ सकता है।

इसके उत्तर में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने उन्हें अपने जवाब से ध्वस्त करते हुए कहा कि ‘‘भारत ने जो फैसला लिया है वह उसके संविधान के तहत है और उससे न तो पाकिस्तान की सीमा पर कोई असर होता है और न ही चीन की, इससे सिर्फ भारत के अंदर ही राज्य में असर होगा’।

आपको बता दें कि भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर पर फैसले के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी भी चीन पहुंचे थे, लेकिन चीन ने इस मसले पर शांति का रास्ता ही अपनाया , साथ ही चीन ने अपने बयान में कहा था कि ‘‘भारत के फैसले के बारे में उन्हें पता है, वह उम्मीद करते हैं कि इससे क्षेत्र में शांति बनी रहेगी’’।