अमर भारती : अबैध शराब के कारोबार में सराबोर कुशीनगर पुलिस की तस्करों से गठजोड़ की चर्चा आम हो चली है और सोशल मीडिया के माध्यम से तस्कर और पुलिस के गठजोड़ के  नए नए मामले प्रमाण सहित सामने आ रहे है। पहले कसया पुलिस के मनीष सिंह के साथ गठजोड़ का मामला सार्वजनिक हुआ था तो आज  एक इलेक्ट्रॉनिक चैनल के पत्रकार द्वारा ट्विटर पर सर्विलांस सेल के प्रभारी के साथ एक शराब तस्कर की तस्बीर साझा कर मुख्यमंत्री और डीजीपी से कार्रवाई की मांग से एक बार फिर महकमे में खलबली मची हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद के एक इलेक्ट्रॉनिक चैनल के पत्रकार द्वारा सर्विलांस सेल के प्रभारी उमेश कुमार के साथ तरयासुजान थाना क्षेत्र के अबैध शराब के कारोबारी के साथ गुफ्तगू करते हुए एक तस्बीर मुख्यमंत्री और डीजीपी को टैग करते हुए ट्विटर पर साझा किया है । इस तस्वीर के ट्विटर पर सार्वजनिक होते ही एक बार फिर कुशीनगर पुलिस की किरकिरी होती दिख रही है।

जानकर लोगो के अनुसार उक्त तस्बीर में सर्विलांस सेल के प्रभारी जिस ब्यक्ति से बात कर रहे है वह तरयासुजान थाना क्षेत्र के कोइन्दी बुजुर्ग निवासी मनोज गुप्ता बताया जा रहा है जिसके ऊपर तरयासुजान थाने से लेकर गोरखपुर के खोराबार थाने में दर्जन भर से ऊपर मुकदमे दर्ज है। उक्त मनोज गुप्ता के ऊपर तरयासुजान थाने में क्षेत्राधिकारी तमकुहीराज और एसडीएम द्वारा बहादुरपुर चौकी के पीछे कट रही शराब की एक ट्रक को इसी 13 जून को पकड़कर धारा 60/72 आबकारी अधिनियम और 419, 420,467व 468 आईपीसी के तहत अभियोग पंजीकृत कराया गया था। इस प्रकरण में ही क्षेत्राधिकारी द्वारा शराब तस्करी में संलिप्तता का आरोप लगाते हुए इंस्पेक्टर तरयासुजान के बिरुद्ध रिपोर्ट किया गया था लेकिन पैरवी और प्रभाव के बलबूते उसे दबा दिया गया। मुकदमा दर्ज होने के लगभग एक माह बाद तरयासुजान पुलिस ने मनोज गुप्ता को गिरफ्तार किया और उसे चुपचाप जेल भेज दिया जबकि छोटा मोटा चोर और अपराधी पकड़े जाने पर पुलिस कप्तान और अपर पुलिस अधीक्षक से लेकर क्षेत्राधिकारी पीसी करते है और प्रेस नोट रिलीज किया जाता है लेकिन जिसके ऊपर लगभग दर्जन भर अभियोग शराब के अबैध कारोबार के दर्ज हो उसे चुपचाप जेल भेजने के मामले से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि ऐसे लोग पुलिस के लिए कितने महत्वपूर्ण है। सर्विलांस सेल के प्रभारी उमेश सिंह तमकुहीराज के चौकी प्रभारी भी रहे है और उसी समय से शायद मनोज गुप्ता उनके संपर्क में है उसके बाद स्वाट टीम और सर्विलांस प्रभारी के तौर पर यह गठजोड़ और मजबूत होता नजर आ रहा है। ट्विटर पर यह शिकायत की गई है कि यह तस्वीर 20 जून की है जबकि 13 जून को तरयासुजान थाने में मनोज गुप्ता के ऊपर विभिन्न धाराओं में अभियोग पंजीकृत हो चुका था और वह उस मामले में वांछित था जब आरोपियों पर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी संभाले बैठे लोग ऐसे सार्वजनिक रूप से आरोपियों से गुफ्तगू करते नजर आते हो ऐसे जनपद में शराब की तस्करी में खाकी की भूमिका के बारे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। अब यह देखना दिलचस्प रहेगा कि इस प्रकरण में जिम्मेदार लोग क्या कार्रवाई करते है।