अमर भारती : केंद्र सरकार भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए अब ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकेगी जिनके खिलाफ कोई सबूत मिले या फिर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हो। दरअसल सरकार की ओर से केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को लोकसभा में बताया कि सरकार के पास ऐसे भ्रष्ट अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है।

उन्होंने बताया कि निष्ठा के अभाव और अक्षमता के आधार पर सरकार ऐसे भ्रष्ट सरकारी कर्मियों को समय से पहले ही सेवानिवृत्त कर सकती है। वह द्रमुक सांसद ए राजा के सवाल का जवाब दे रहे थे। जितेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि जुलाई 2014 से लेकर मई 2019 तक ग्रुप एक कुल 36,756 और ग्रुप बी के 82,654 अफसरों के कामकाज की समीक्षा की गई।

बीते माह ही सरकार ने 15 वरिष्ठ कस्टम अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से जबरन सेवानिवृत्त कर दिया था, इनमें से एक प्रधान आयुक्त और चार आयुक्त थे। इसके अलावा 12 वरिष्ठ आयकर अधिकारियों को भ्रष्टाचार के आरोप और यौन शोषण के आरोपों में अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई थी।

गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही उत्तर प्रदेश की सरकार ने भी कुछ ऐसा ही फैसला लिया जिसमें कि 400 से ज्यादा भ्रष्ट कर्मचारियों को दंडित करने की चेतावनी दी थी और करीब 200 कर्मचारियों को पहले ही सेवानिवृत्त करने का फैसला लिया था।

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