अमर भारती : केंद्र सरकार अगले कुछ सालों में अपने वादे के कहे मुताबिक भारतीय अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर का बनाने के लिए श्रम कानूनों में बड़ा बदलाव कर सकती है। दरअसल ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 13 श्रम कानूनों को मिला का एक नया कानून बनाने की तैयारी कर रही है और इससे संबंधित ऑकुपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन बिल 2019 के मसौदे को सरकार की हरी झंडी मिल गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस पर फैसला किया गया।

बता दें कि मंत्रिमंडल की बैठक के बाद श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने बताया कि इससे श्रमिकों को कार्यस्थल पर बेहतर सुरक्षा मिलेगी, उनका बेहतर स्वास्थ्य रह सकेगा और काम करने की स्थिति भी बदलाव देखने को मिलेगा। इसके लिए वर्तमान 13 कानूनों को जोड़ कर एक नया कानून बनाया गया है।

सरकार के मुताबिक मजदूरों की बेहतरी के लिए कामकाज का बेहतर वातावरण तो जरूरी है ही, उनका स्वास्थ्य भी बढ़िया होना चाहिए और सामाजिक कल्याण भी हो। इसलिए इस कानून को बनाया जा रहा है। इस कानून को संसद के इसी सत्र में पेश किया जाएगा।

इसी बैठक में सरकार ने अनरेगुलेटेड डिपोजिट स्कीम्स बिल 2019 के मसौदे को भी अनुमोदित कर दिया। यह कानून इस बारे में पूर्व में जारी अधिसूचना का स्थान लेगा। इस अधिसूचना को पहले से ही जारी कर दिया है। इस कानून के लागू होने पर देश भर में अनियंत्रित जमा योजनाओं पर केंद्र सरकार लगाम लगा सकेगी।

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