अमर भारती : भटहट, गोरखपुर । गर्मी और तेज धूप अपने चरम पर है । बदन को झुलसा देने वाली गर्मी ना ही इंसानों को तपा रही हैं बल्कि मवेशियों और पक्षियों को भी झुलसा रही हैं । वंही ब्लाक अधिकारियों और ग्राम प्रधानों की उदासीनता के चलते ब्लाक क्षेत्र के अधिकांश पोखरे सुख गये हैं । ऐसे में पक्षी और मवेशियों को पानी की तलाश में दर बदर भटकना पड़ रहा है । ऐसा हाल तब है जब उच्चाधिकारियों का शख्त निर्देश है कि तालाबों, पोखरों को जल से लबालब भर दिया जाय । लेकिन इसकी सुधि लेने वाला कोई नही है । जिससे पक्षियों और मवेशियों का प्यास भला कैसे बुझे ?

वैसे तो भटहट ब्लाक क्षेत्र अंतर्गत कुल लगभग 65 ग्राम सभा है और अनुमानतः प्रत्येक गांव में 3 से 5 पोखरे या तालाब मौजूद हैं । वंही कुछ तालाबों का मनरेगा के अंतर्गत सुन्दरीकरण भी किया जा चूका है पर गर्मी के मौसम में इनमें से अधिकांश बेपानी हो चले हैं । प्रत्येक वर्ष लाखों रुपये खर्च कर जिन पोखरे और तालाबों की खुदाई पानी एकत्र करने के उद्देश्य से करायी जाती है उन पोखरों में पानी ना होना । सरकार की बहुप्रतीक्षित जल संरक्षण योजना की पोल खोल रही हैं । वंही इन तालाबों में पानी न होने से पशु- पक्षियों के सामने पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है।

भटहट ब्लाक क्षेत्र अंतर्गत लगभग सभी ग्राम पंचायतों में जलाशयों या तालाबों का निर्माण कराया गया। इन तालाबों के निर्माण के समय यह आशा की गयी थी कि इसमें वर्ष भर पानी भरा रहेगा। जिसे पशु पक्षियों को पानी के लिये भटकना नहीं पड़ेगा वहीं मनरेगा मजदूरों को रोजगार भी मुहैया हो सकेगा। लेकिन सरकार की मंशा कितनी सफल हुई इस बात की गवाही इन दिनों सूखे हुए तालाब दे रहे हैं। जिन तालाबों में इन दिनों पानी होना चाहिए आज वहां पानी के लिये लाले पड़े हैं और बच्चों के क्रीड़ा स्थल बन गया है । गर्मी के दिनों जंहा बच्चे तालाबों पोखरों में नहाते हैं आज वँहा वो क्रिकेट खेल रहे हैं ।

दूसरी तरफ इन तालाबों मे पानी न होने से पशु पक्षियों को गर्मी के मौसम में पानी के लिय दर-दर भटकना पड़ रहा है। जब कोई मवेशी तालाब तक पानी के लिये जाता है तो उसमें पानी न पा जब वह बेहाल होकर इधर-उधर भटकता है तो उसकी पीड़ा शब्दों में बयां भी नही की जा सकती । फिर भी जिम्मेदार इनमें पानी डलवाने से कन्नीकाट रहे हैं और तो और कई जगहों पर मछली मारने के लिये तालाबों का पानी अन्यत्र उड़ेल दिया जाता है। जिससे जल की और भी समस्या खड़ी हो जा रही है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने तालाबों में पानी भरवाने की मांग की है।

यदि आप पत्रकारिता क्षेत्र में रूचि रखते है तो जुड़िए हमारे मीडिया इंस्टीट्यूट से:-