अमर भारती :  मीरजापुर के  जिला मंडलीय अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव होने से यहां से मरीजों का मोहभंग हो रहा है। बेहतर उपचार का अभाव मरीजों की जान को जोखिम में डाल दे रहा है। परेशान मरीज मंडलीय अस्पताल से अन्यत्र जाने को विवश हैं। बुधवार को रात्रि में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब नगर निवासी एक 16 वर्षीय किशोरी की दशा में कोई खास सुधार ना होता देख परिजनों ने उसे अन्यत्र ले जाने का निर्णय ले लिया।

जानकारी के अनुसार नगर के पुरानी दशमी निवासी श्यामा मौर्य की 16 वर्षीय पुत्री पिछले माह स्टोप फट जाने से बुरी तरह से झुलस गई थी जिसे परिजनों द्वारा जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया था। जहां उसकी दशा में बेहतर सुधार होता ना देख परिजन उसे अन्यत्र ले जाने के लिए जिला अस्पताल गेट पर रिक्शा ट्राली पर लिटा कर घंटों परेशान दिखलाई दिए। परिजनों का आरोप रहा कि रिक्शा ट्राली खींचकर कर किसी प्रकार से परिवार की जीविका का चलाना भारी हो रहा है।

ऐसे में जिला अस्पताल में दाखिल कराने के बाद भी बेटी का सही ढंग से उपचार संभव नहीं हो पा रहा है जिससे वह परेशान हैं। मजबूरन उन्हें बेटी के जीवन को देखते हुए बेटी को रेफर कराना पड़ा है। बताते चलें कि जिला अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य विधाओं का अभाव होने के कारण ज्यादातर मरीजों को अन्यत्र रेफर कर दिया जा रहा है या तो खुद ही वह यहां से विवश होकर जाने को मजबूर हो जा रहे हैं। जिससे मंडलीय अस्पताल के औचित्य और उपयोगिता पर सवालिया निशान लग रहे हैं। लोगों का कहना है कि भारी-भरकम स्टाफ और करोड़ों खर्च करने के बाद भी जब मंडल के लोगों को बेहतर ढंग से उपचार का लाभ न मिल पाए तो इस अस्पताल की क्या उपयोगिता बनती है।

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