अमर भारती : यूपी के कासगंज में पुलिस व्यवस्था की निरंकुशता अपने चरम पर पहुंच चुका है, ताजा मामला बीती रात कोतवाली के बाहर एक खोखे पर देखने को मिला,जहां खोखे पर खोखा मालिक प्रीतम बैठा हुआ था तभी कोतवाली के दो सिपाही सत्यपाल व राजकुमार पहुंचते हैं और सिगरेट लेकर पीते हैं बाद में जब दुकानदार प्रीतम ने दोनों सिपाहियों से पैसे मांगे तो सिपाही आग बबूला हो गए और प्रीतम की पिटाई कर दी एवं उसकी दुकान का सामान दुकान के बाहर सड़क पर फेंक दिया प्रीतम के पुत्र को भी इन ओछी मानसिकता वाले सिपाहियों ने मारा पीटा और कहा कि यदि तूने रुपए दोबारा मांगे तो तुझे कोतवाली में बंद कर देंगे।

आए दिन पुलिस द्वारा यह घटनाएं आम बात हो गई हैं।कायमगंज की घटनाओं पर यदि नजर डाली जाए तो बीते दिनों से कई चोरियां हो चुकी हैं लेकिन पुलिस की निष्क्रियता के चलते एक भी चोरी का खुलासा नहीं हो पाया है, और ना ही चोरी की घटनाएं कम हुई हैं। इन सब बातों से पता चलता है कि कायमगंज पुलिस कितनी निरंकुश हो चुकी है ।जोकि सरकार की मंशा के अनुरूप कोई भी कार्य करने को तैयार नहीं है।

अब देखना यह दिलचस्प होगा कि इन पुलिसकर्मियों को इस घटना को अंजाम देने के पश्चात भी कोई कार्यवाही होती है या योगी सरकार की साख को पलीता ही लगाया जाएगा जबकि सूबे के तेजतर्रार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहतर पुलिसिंग के लिए कई कार्य कर रही है।

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