अमर भारती : यूपी में एमबीबीएस की 700 सीटें एक साथ बढ़ गई है, इसमें से 300 मंजूरी की प्रक्रिया में है। 5 नए मेडिकल कालेज शुरू हुए, 2 नए बदायूं और ग्रेटर नोयडा भी जल्द शुरू होंगे। यह 5 नए मेडिकल कालेज प्रधानमंत्री मोदी की 80 नए मेडिकल कालेज खोलने की योजना के तहत मिले हैं। उपरोक्त जानकारी आज चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने लोक भवन में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के तहत सभी को बताया।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 80 में से कुल 13 मेडिकल कालेज यूपी को मिले हैं। जिसमें से 5 शुरू हो रहे और 8 अन्य का भी शिलान्यास हो चुका है। सभी नए मेडिकल कालेज नई सोसाइटी बनाकर शुरू किए जा रहे हैं। इसके साथ ही  चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा कि  आम जनता के स्वास्थ्य सुविधाओं को देखते हुए पुराने मेडिकल कालेजों में बृहद नवनिर्माण कर अमूलचूल परिवर्तन किया जा रहा है। सबसे पुराने 6 मेडिकल कालेजों में भी ई- सुविधा, लिकवीड ऑक्सीजन आदि की सुविधा भी शुरू हो रही है।

Health and State minister Asutosh Tandon visual

इन पुराने 6 मेडिकल कालेजों में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल सुविधा भी शुरू की जाएगी। 200 बेड के इन सुपरस्पेशलिटी सुविधा के शुरू होने से क्षेत्रीय जनता को बहुत सुविधा होगी। एसजीपीजीआई में 200 नए बेड की सुविधा बढ़ गई है। मुख्यमंत्री द्वारा एक नए ब्लॉक का शिलान्यास भी किया गया है, जहां 400 बेड होंगे। 60 बेड का एपेक्स ट्रामा सेंटर शुरू हो चुका है जिसे जल्द 210 बेड का किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि एसजीपीजीआई में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा की शुरुआत भी की गई है। इसके साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के नाम पर जिला बलरामपुर में केजीएमयू का एक सैटेलाइट सेंटर बनना शुरू हो गया है, यह अटल जी को समर्पित होगा।

आरएमएल में भी कई नई सुविधाएं शुरू हो चुकी हैं। तीन माह में कैंसर संस्थान शुरू हो सके, इसके लिए टाटा कैंसर संस्थान मुम्बई से एमओयू साइन किया गया है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी बाजपेयी के नाम पर एक एफेलेटिंग मेडिकल यूनिवर्सिटी का निर्माण शीघ्र शुरू होने जा रहा है। प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज इससे एफिलेटेड होंगे। इस कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा शिक्षा विभाग की एक पुस्तिका का भी विमोचन मंत्री आशुतोष टंडन ने किया। जिसका नाम ‘नए अवसर एवं नई परिणाम’ रखा गया है। इस दौरान प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे, विशेष सचिव मुकेश मेश्राम, पीजीआई के निदेशक राकेश कपूर आदि कई अधिकारी मौजूद रहे।

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