अमर भारती : देश में गर्मी से लोगों काबुरा हाल है। लग रहा है कि आसमान से आग बरस रही है। और बाहर निकलते ही मुंह पर गर्म हवा के थपेड़े पड़ रहे हैं। इस बार गर्मी और चढ़ते पारे ने अब तक के सारे रेकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इसका असर खासकर ट्रेनों के जनरल और स्लीपर कोचों में देखने को मिल रहा है। जानकारी मिली है कि इस तपती और जला देने वाली गर्मी में सोमवार को आगरा और झांसी के बीच केरल एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में सफर कर रहे चार यात्रियों की जान चली गई। ये यात्री आगरा से कोयंबटूर जा रहे थे। सोमवार को मथुरा का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया तो बांदा का 49.20 डिग्री सेल्सियस तापमान था।

बताया जा रहा है कि 10 दिन पहले 68 यात्रियों का एक दल तमिलनाडु से वाराणसी और आगरा घूमने के लिए आए थे। और फिर वाराणसी घूमने के बाद सभी आगरा गए, यहां घूमने के बाद सोमवार की दोपहर लगभग ढाई बजे सभी यात्री आगरा कैंट से कोयंबटूर जाने के लिए केरल एक्सप्रेस (12626) के एस-8 और एस-9 कोच में बैठे। सवार हुए।

इस घटना में एक आरोप सामने आया है कि आगरा से झांसी के बीच सिग्नल न होने की वजह से ट्रेन को कड़ी धूप में रोक दिया गया। इस दौरान कोच में सवार यात्री गर्मी से तड़प उठे। पांच यात्रियों की हालत काफी बिगड़ने लगी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई।

यदि आप पत्रकारिता क्षेत्र में रूचि रखते है तो जुड़िए हमारे मीडिया इंस्टीट्यूट से:-