अमर भारती : उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक बेहद संगीन और बेहद आहत करने वाला मामला हुआ है। इस घटना से पूरे देश में गुस्सा है। हर तरफ इंसाफ की मांग है। आखिर क्या कुसूर था उस मासूम बच्ची का, आपसी एक छोटे से विवाद का शिकार ये मासूम क्यों हुई ऐसे ही कई सारे सवाल हैं जो इस घटना के बाद उठने लगे हैं। हमारे देश में इतनी कड़ी कानून व्यवस्था है। तब भी ऐसी घटना होती है। ऐसे में सवाल प्रशासन पर उठते हैं।  अलीगढ़ में ढाई साल की बच्ची की निर्मम हत्या से पूरे देश में एक गुस्सा है और इस पर पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ तेज कर दी है। जानकारी मिली है कि पुलिस ने शनिवार को इस मामले में दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

जानकारी मिली है कि इस मामले की जांच कर रही एसआईटी की टीम को आशंका है कि हत्या के बाद बच्ची के शव को फ्रिज में भी रखा गया था। और बताया जा रहा है कि इस वारदात को अंजाम देने वाले तीसरे आरोपी मेहदी हसन के अलावा चौथी महिला आरोपी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना का गुस्सा सोशल मीडिया पर भी देखने को मिल रहा है बच्ची के मां-बाप द्वारा उधार लिए गए महज 10 हजार रुपये न चुकाने पर बच्ची के साथ हुआ बर्बरता पर लोगों में न्याय की आग जल उठी है। तमाम जगत के लोग इस घटना पर गुनहगारों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं। बता दें कि मामल में गुरुवार देर रात पांच पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया गया था।

आरोप है कि बच्ची जब गायब हुई थी तो इन्होंने रिपोर्ट नहीं लिखी थी और जांच में भी देरी की थी। ऐसे में सवाल ये भी उठता है कि ऐसे घटना के प्रति पुलिस प्रशासन कितना लापरवाह है। और तो और इस घटना पर पुलिस ने तब जांच को आगे बढ़ाया जब बच्ची के माता पिता ने प्रदर्शन शुरू किया। इस घटना को लकेर गुस्सा

राजनीति, खेल और बॉलिवुड की तमाम हस्तियों के भीतर में बी देखने को मिल रहा है। वहीं मामला सुर्खियों में आने लगा तो एडीजी लॉ ऐंड ऑर्डर आनंद कुमार ने अलीगढ़ के एसपी ग्रामीण की अगुआई में एसआईटी गठित कर दी है। साथ ही डीजीपी मुख्यालय ने एसएसपी अलीगढ़ से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। राष्ट्रीय बाल आयोग ने भी पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।

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