अमर भारती : शिवगढ़ थाना क्षेत्र के गूढ़ा गांव में बीती 6 मई को हुई नवविवाहिता निधि तिवारी की हत्या के मामले में निधि की हत्या आरोपी ननद सोनिका उर्फ शशी व रीतू की गिरफ्तारी व हत्यारोपियोंं को फांंसी की सजा की मांग को लेकर निधि के मैके पक्ष के करीब 100 से अधिक लोगों ने बैनर-तख्तियों में निधि को न्याय दो ,हत्यारों को फांसी दो लिखी तख्तियां हाथ में लेकर रानी खेड़ा से कैडिल मार्च निकाला।
जो गूढ़ा गांव होते हुए भवानीगढ़ पहुंचा जहां महराजगंज कोतवाल लालचन्द्र सरोज और शिवगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक अजीत कुमार विद्यार्थी ने कैडिल मार्च कर रहे लोगों को समझा बुझाकर कार्यवाई का आश्वासन देते हुए किसी तरह शान्त कराया।
कैडिल मार्च के दौरान गूढ़ा गांव में कुुछ लोगों ने कैंडल मार्च को रोकने की कोशिश की तो दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद की स्थिति पैदा हो गई। तनाव की स्थिति की सूचना मिलते ही मय फोर्स के पहुंचे शिवगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक अजीत कुमार व एसआई अर्जुन राजपूत ने किसी तरह लोगों को शान्त कराया। अभी भी गूढ़ा गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। भवानीगढ़ से मृतका की मां उर्मिला तिवारी पत्नी अनिल तिवारी ने अपने बेटे और बेटियों के साथ शिवगढ़ थाने पहुंचकर प्रार्थना पत्र देकर ग्राम प्रधान सहित एक दर्जन से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है।
आरोप है कि कैंडल मार्च के दौरान कुछ लोगों ने मृतका की बहनोंं से अभद्रता की। विदित हो कि बीती 6 मई को प्रातः काल नवविवाहिता निधि का संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकता शव मिलने की खबर से गांव में हडकम्प मच गया था। सूचना पर पहुंचे मृतका के मायके पक्ष को नवविवाहिता मृत अवस्था में नीचे लिटाई मिली थी। जिस पर मृतका के पिता अनिल तिवारी निवासी रानी खेड़ा ने मृतका के पति अरुण कुमार द्विवेदी, ससुर अशोक कुमार द्विवेदी, सास उर्मिला देवी व अविवाहित ननद सोनिका उर्फ शशी,रीतू के खिलाफ हत्या का आरोप लगाकर मामला दर्ज कराया था।
मृतका के भाई की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया था। वहीं मौके पर मिले मृतका के पति अरुण कुमार द्विवेदी, सास उर्मिला देवी को तुरंत व बाद में ससुर अशोक कुमार द्विवेदी को जेल भेज दिया था। वहींं मृतका की हत्या आरोपी दो नन्देंं अभी भी फरार चल रही हैं।