अमर भारती : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी ने बहुमत से भी अधिक सीटें पाकर जीत हासिल की है और फिर एक बार सत्ता अपने नाम कर ली है। वहीं देखा जाए तो विपक्ष को जितनी सीटों की उम्मीद थी, उतनी भी नहीं मिल पाईं। ऐसे बहुत से कारण हैं, जिनसे भाजपा ने ये ऐतिहासिक जीत हासिल की है। भाजपा को मिले प्रचंड बहुमत के बाद अब नई सरकार के नए एजेंडे को लेकर चर्चाएं तेज हो रही हैं।

आपको बता दें कि बीजेपी ने अपने शुरुआती 100 दिन के एजेंडे पर काम करना शुरू कर दिया है। पावर सेक्टर के पावरपैक प्लान के जरिए 24 घंटे बिजली देने का लक्ष्य है। इस एजेंडे के जरिए भाजपा का लक्ष्य लोगों तक ज्यादा सुविधाएं प्रदान करने का है। पावर सेक्टर के लिए 100 दिन का एजेंडा तैयार हुआ है।

इस दौरान बिजली डिस्ट्रीब्यूशन घाटे को 15 फीसदी से कम लाने की डेडलाइन भी तय होगी। इसके लिए मंत्री समूह की सिफारिशों की समीक्षा भी होगी। इसके साथ ही थर्मल पावर प्लांट्स के बकाए के भुगतान को लेकेर प्रणाली तैयार की जाएगी। इसके लिए संशोधित टैरिफ पॉलिसी पर सहमति बनाने का भी प्रयास किया जाएगा। बात करें अगर अभी की तो पावर सेक्टर में एनपीए 5.9 फीसदी के करीब है। निर्यात और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों पर भी सरकार का जोर देती रहेगी।

सूत्रों के मुताबिक पता चला है कि निर्यात और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार नई योजनाओं का एलान कर सकती है। इसके साथ ही रोजगार पैदा करने वाली नीतियों पर भी जोर देगी। लोगों के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने पर भी मंत्रालय का जोर होगा।

बैंकों के एनपीए को कम करने के लिए भी कुछ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। इसके लिए कर्ज के नियमों में बदलाव किया जाना संभव हो सकता है। अगले 100 दिनों के प्रमुख एजेंडा में बैंकिंग सेक्टर एवं दिवालिया कानून में बदलाव शामिल हैं।

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