अमर भारती : बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत पाकर जीत हासिल की है और दूसरी ओर विपक्षी खेमे में सन्नाटा पसरा हुआ है। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पहली बार चुनाव हार गए हैं। आपको बता दें कि वह पार्टी के ऐसे नेता रहे हैं जिन्होंने जहां से चुनाव लड़ा वहां से जीत दर्ज करके दिखाई। लेकिन इस बार मोदी लहर ने उन्हें पहली बार हार का मुंह दिखा दिया। इस बार वह कर्नाटक की गुलबर्गा सीट से उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरे थे।

आपको बता दें कि मल्लिकार्जुन खड़गे अपनी जिंदगी में नौ बार विधायक और दो बार सांसद रह चुके हैं। मगर मोदी की सुनामी के आगे उनकी एक न चल पाई। उन्हें गुलबर्गा से और जनता दल (सेक्युलर) के मुखिया और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा को तुमकुर सीट से हार का सामना करना पड़ा है। तुमकुर से भाजपा प्रत्याशी जी बासवराज ने देवगौड़ा को 13,339 वोटों से हराया है। जबकि खड़गे को उमेश जाधव ने 95,452 वोटों से हराया।

कांग्रेस में अब तक खड़गे ही एक ऐसे नेता हैं जिन्होंने 2014 में पार्टी के खिलाफ चली लहर के दौरान भी अपनी सीट बचाने में कामयाबी हासिल की थी। इसके बाद वह संसदीय दल के नेता बने थे। यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान वह रेल, श्रम एवं रोजगार मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। गुलबर्गा से दो बार सांसद चुने जाने वाले खड़गे को साफ सुथरी छवि वाला नेता माना जाता है।

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