अमर भारती :  लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण के लिए प्रचार थमने के बाद और अंतिम चरण के मतदान से एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह करीब आठ बजकर 27 मिनट पर वायुसेना के विशेष विमान से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। जहां राज्यपाल बेबी रानी मौर्य, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, डीजीपी अनिल रतूड़ी सहित अन्य अधिकारियों ने पीएम मोदी का स्वागत किया।

इसके बाद सुबह करीब नौ बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य सचिव के साथ केदारनाथ धाम के लिए रवाना हो गए। सुबह करीब नौ बजकर 37 मिनट पर पीएम मोदी केदारनाथ पहुंचे। भगवान शिव की साधना के लिए एक अलग अंदाज में प्रधानमंत्री मोदी केदारनाथ धाम पहुंचे। उन्होंने हल्के नीले रंग के चोला पहना हुआ था और कमर पर भगवा साफा बांधा हुआ था। वहीं सिर पर हिमाचली टोपी पहने हुए थे। वह हेलीपैड से पैदल ही केदारनाथ मंदिर की ओर चल दिए। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर में प्रवेश किया। जहां उनके तीर्थ पुरोहित प्रवीण तिवारी और बीकेटीसी के आचार्य ओमकार शुक्ला द्वारा पूजा कराई गई। लगभग आधे घंटे की पूजा में रुद्राभिषेक व अन्य पूजाएं भी की गईं। 10 बजकर 27 मिनट पर प्रधानमंत्री मोदी की पूजा और अभिषेक संपन्न हुआ और वह मंदिर से बाहर आ गए। यहां उन्होंने मंदिर के बाहर विराजमान बाबा नंदी और केदारपुरी को प्रणाम किया।

इसके बाद मंदिर की परिक्रमा करने लगे। जिसके बाद उन्होंने वहां मौजूद सभी भक्तों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। इसके बाद श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को मंदिर परिसर में श्रीकेदारनाथ मंदिर का लकड़ी से बना प्रतीक और शॉल भेंट किया गया। पीएम मोदी ने केदारनाथ मंदिर में करीब 17 मिनट तक पूजा की। पीएम मोदी ने केदारनाथ धाम पर बाघम्बर चढ़ाया है और पीतल का घंटा भी चढ़ाया जिसका वजन एक क्विंटल है। ऐसी मान्यता है कि जब किसी व्यक्ति की मनोकामना पूरी हो जाती है, तो वह घंटे या घंटियां मंदिर में चढ़ाते हैं। कई बार लोग मन्नत मांगने के समय भी इसे चढ़ाते हैं। पीएम मोदी ने डेढ़ घंटे से अधिक समय तक पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लिया। 12:35 मिनट पर वो सेफ हाउस में लौटे। बताया जा रहा है कि यहां कुछ देर आराम के बाद ध्यान गुफा में गए। बता दें कि इससे पहले 3 मई 2017, 20 अक्टूबर 2017 और 7 नवंबर 2018 को भी प्रधानमंत्री मोदी केदारनाथ आ चुके हैं।

वहीं दोपहर बाद केदारनाथ घाटी में मौसम खराब हो गया और यहां हल्की बारिश होने लगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बारिश के बीच पैदल चलकर दोपहर दो बजकर 45 मिनट पर ध्यान गुफा पहुंचे। जहां वह भगवा वस्त्र धारण कर ध्यान में लीन हो गए। भारतवर्ष की सुख-समृद्धि के लिए साधना के लिए वह ध्यान साधना कर रहे हैं। मंदिर से लगभग 1.5 किमी दूर एक पहाड़ी पर स्थित यह गुफा पांच मीटर लंबी और तीन मीटर चौड़ी है। साढ़े आठ लाख रुपये की लागत से इसे तैयार किया गया है। बताया जा रहा है कि इस गुफा में पीएम मोदी 20 घंटे तक रहेंगे। मोदी केदारनाथ धाम में शाम की आरती में भी शामिल होंगे।

प्रधानमंत्री बनने के बाद केदारनाथ में उनकी यह चौथी यात्रा है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केदारनाथ धाम में रात्रि प्रवास के साथ ही बाबा केदार की यात्रा में एक नया अध्याय भी जुड़ जाएगा। यह पहला मौका बन रहा है, जब देश के प्रधानमंत्री धाम में रात्रि प्रवास करेंगे।

पीएम मोदी शनिवार से दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड में हैं। प्रधानमंत्री के विशेष विमान ने सुबह जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर लैंड किया । जौलीग्रांट से वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने उन्हें केदारनाथ धाम लेकर पहुंचाया। योजना के अनुसार रात्रि विश्राम केदारनाथ में करने के बाद प्रधानमंत्री रविवार सुबह बदरीनाथ मंदिर में पूजा अर्चना कर दिल्ली लौटेंगे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का ये निजी दौरा है, जिसमें पार्टी हिस्सा नहीं बनेगी। प्रधानमंत्री की यात्रा के मद्देनजर केदारनाथ धाम में आज सुबह 8 बजे से ही आम भक्तों के लिए दर्शन बंद कर दिए गए थे। मंदिर परिसर में एसपीजी तैनात किए गए थे। मंदिर के चारों ओर लाल कारपेट बिछाई गई थी। वहीं केदारनाथ धाम में हल्के बादल छाए हुए थे।

19 मई को सुबह सात बजे प्रधानमंत्री श्री बदरीनाथ धाम के लिए उड़ान भरेंगे। करीब सवा घंटे बदरीनाथ में रहेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री सुबह 11.30 बजे हेलीकॉप्टर से जौलीग्रांट पहुंचेंगे, जहां से उनका विशेष विमान उन्हें दिल्ली लेकर जाएगा।

पीएम नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित केदारनाथ और बदरीनाथ यात्रा को देखते हुए गौचर में भी पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। हवाई पट्टी पर आपातकालीन लैंडिंग की सभी व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। हवाई पट्टी को सील कर दिया गया है।

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