अमर भारती : मनोरोगी और अनुवांशिक बीमारियों से ग्रसित लोगों को भी अब स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल सकेगा। बीमा नियामक प्राधिकरण (Insurance regulatory authority) ने कंपनियों को आदेश दिया है, अपने आदेश में इरडा ने कहा है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

आपको बता दें कि इरडा ने स्वास्थ्य बीमा कंपनियों से कहा है कि वो किसी भी व्यक्ति को कवर देने से मना नहीं कर सकती है, फिर चाहे वो बीमारी कैसी भी हो। आदेश के तहत कंपनियां अब मानसिक समस्याओं, आनुवांशिक बीमारियों, मस्तिष्क और मनोवैज्ञानिक विकारों के लिए भी बीमा की सुविधा देंगी। दरअसल इसके अलावा जिन बच्चों को डाउन सिंड्रोम, सेरेब्रल पालसी, ऑटिज्म, कम सुनाई देना, डिस्लेक्सिया, स्पीच, बोलचाल में समस्या है वो भी अब स्वास्थ्य बीमा का लाभ उठा सकेंगे।

इरडा का कहना है कि डॉक्टर द्वारा जो दवाएं मरीजों को लिखी जाएंगी, वो भी दायरे में आएंगी। इनमें उत्तेजक या डिप्रेशन की दवाएं भी शामिल हैं। यौवन और मेनोपॉज संबंधी विकार, आयु और व्यवहारिक संबंधी विकारों को भी पॉलिसी से बाहर नहीं रखा जा सकता।

जो लोग एडवेंचर स्पोर्ट्स जैसे कि बंजी जंपिंग, रिवर रॉफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, एफ1 रेसिंग, जलीकट्टू, कामबला, पैरासेलिंग, स्कूबा डाइविंग, ट्रेकिंग, माउंटेनियरिंग या जीवन रक्षक प्रणाली पर होंगे उन्हें भी स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा। इरडा ने कहा है कि जो लोग लगातार आठ साल से स्वास्थ्य बीमा का लाभ उठा रहे हैं अगर उनके बारे में पता चलता है कि वो स्मोकर्स हैं, तो उन्हें बीमा का लाभ मिलना बंद हो जाएगा। कंपनियां अब ऐसे व्यक्ति को भी बीमा देने से मना नहीं कर रही हैं जो उपचार को बीच में छोड़ देते हैं।

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