अमर भारती : राज बब्बर ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि चुनाव आखरी चरण में है परंतु एक गंभीर विषय पर आपसे चर्चा करनी थी इस वजह से आपको बुलाया है आपने भी उसे दिखाया है बीजेपी की यह प्रवृत्ति है जब उसको लगता है कि राजनीतिक लड़ाई हार रहे हैं। तो वह हिंसा पर उतर आते हैं और यह बात और कहीं नहीं रायबरेली में देखने को मिलती है जिससे कल यह घटना हुई है और चुने हुए प्रतिनिधि और जो बाकी जी ने भी चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ अविश्वास प्रस्ताव की तारीख मुकर्रर की गई थी उसके लिए कोर्ट ने 14 तारीख मुकर्रर की थी उसके लिए कांग्रेस के सदस्य जा रहे थे और इतनी बड़ी घटना उनके साथ हुई है।

यह बहुत अशोक बनी है और लोकतंत्र के ऊपर सीधा प्रहार है बीजेपी शासन और प्रशासन के लोगों ने फैसला कर लिया है कि अगर हम राजनीतिक लड़ाई हारेंगे तो हम आते हैं मचाएंगे। हमारी विधायक के साथ एक बड़ी घटना हुई पर हमला हुआ उन पर लगातार पिछले कुछ दिनों से 52 में से 31 जिला पंचायत सदस्यों ने यह मांग की थी कि यहां पर भरपूर भ्रष्टाचार चल रहा है। हमें यहां के ऊपर जिला प्रमुख के ऊपर विश्वास खत्म हो चुका है। प्रशासन पर बार-बार कहा गया डीएमके सम्मुख भी हमने बार-बार कहा कि उसके लिए अविश्वास प्रस्ताव लाना चाहते हैं लेकिन उस पर दबंग और विधान परिषद के सदस्य और उनके तमाम भाई कोई जिला पंचायत का है कोई जिला पंचायत सदस्य है। इन लोगों ने मिलकर प्रशासन पर दबाव बनाया और वह व्यक्ति स्वयं के समक्ष बीजेपी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहा है।

आहट रायबरेली से लेकर सबसे ऊंची कुर्सी पर बैठे बीजेपी के नेताओं की नजर आती है इस तरह से यह लोग पूरे देश में हिंसा पर उतरे हैं 20 अप्रैल को हमारे प्रमोद तिवारी जी ने 28 सदस्यों के साथ आपके समक्ष प्रेस वार्ता की थी और उसमें कहा था कि यह जिले के भ्रष्टाचार को अब नहीं सह सकते और वह कोर्ट गए जिसके बाद उन्होंने जानबूझकर विघ्न डालने की कोशिश की ताकि को राम ने पूरा हो सके और ऐसा ही हुआ है और डीएम ने को आगे बढ़ा दिया अब दोबारा 1 साल तक कोई बातचीत प्रक्रिया नहीं हो सकती क्योंकि एक व्यक्ति की हिमाकत नहीं हो सकती। मात्र विधान परिषद का सदस्य है वह कानून की धज्जियां नहीं उड़ा सकता इसमें पूरी बीजेपी की शक्ति लगी और प्रशासन ने सहयोग किया हमने राज्यपाल को ज्ञापन दिया है और हमें पूरा विश्वास है उस पर कार्यवाही होगी। लोकतंत्र में अगर कोई लड़ाई लड़नी है तो राजनीतिक तौर पर ही लड़नी पड़ेगी और उसके लिए चुनावी प्रक्रिया श्रेष्ठ है और वही फैसला करती है इन के दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलवाने के लिए राज्यपाल को गुहार लगाई है।

प्रियंका जी ने हमें संबल दिया है कि हम से लड़ाई को सड़क से लेकर प्रशासन से लेकर शासन से लेकर हर स्तर पर टकराने के लिए तैयार है लेकिन हम लोकतंत्र को ऐसे लोगों के हाथों में नहीं जाने देंगे जो जोर जबरदस्ती से चुने हुए प्रतिनिधियों पर जानलेवा हमला कर सकते हैं।

यदि आप पत्रकारिता क्षेत्र में रूचि रखते है तो जुड़िए हमारे मीडिया इंस्टीट्यूट से:-