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अमर भारती : भारत समेत 8 देशों की परेशानी बढ़ सकती है  क्योंकि अमेरिका ने ईरान से कच्चा तेल आयात करने की रोक पर अब सऊदी अरब के ताजा बयान से यूं लग रहा की परेशानी के तौर पर अब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं। दरअसल एक तरफ जहां अमेरिका ने ईरान से कच्चे तेल की खरीद पर प्रतिबंधों से मिली छूट को आगे न बढ़ाने का फैसला किया है, वहीं दूसरी तरफ अब सऊदी अरब ने साफ कर दिया है कि तेल उत्पादन बढ़ाने की उसकी कोई तत्काल योजना नहीं है।

बुधवार को सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री खालिद अल-फलीह ने रियाद में एक वित्तीय सम्मेलन में ये कहा कि ‘वेनेजुएला में हो रही घटनाओं और ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों को कड़ा किए जाने के बावजूद (वैश्विक) भंडार का बढ़ना जारी है।’ उन्होंने कहा कि इसलिए मुझे नहीं लगता है कि तत्काल कुछ किए जाने की जरूरत है।

बता दें कि भारत अपनी तेल की जरूरतों का करीब 11 फीसदी ईरान से आयात कर पूरा करता है, लेकिन 2 मई के बाद ईरान से तेल का आयात बंद हो जाने पर अगर तुरंत इसका कोई विकल्प नहीं मिला तो देश की आर्थिक हालत गड़बड़ा सकती है। और अगर भारत चहाता है कि स्थिति सामान्य रहे इसके भारत को तेल आयात के लिए अपनी निर्भरता सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे ओपेक देशों से बढ़ानी होगी।

वर्तमान में ईरान से सबसे ज्यादा तेल का आयात चीन और भारत करता है। अब अगर ये दोनों देश 2 मई के बाद भी डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के खिलाफ ईरान से तेल का आयात जारी रखते हैं तो फिर अमेरिका के साथ इनके द्विपक्षीय रिश्तों में तनाव आ सकता है, और व्यापार जैसे अन्य मुद्दों पर भी इसका असर देखा जा सकता है।

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से तेल आयात की पाबंदी से किसी को भी छूट नहीं देने का फैसला किया है। अमेरिका ने पिछले साल नवंबर में आठ देशों भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान, तुर्की, इटली और यूनान को 6 महीने के लिए ईरान से तेल आयात के लिए छूट दी थी। ये समयसीमा 2 मई की पूरी हो जाएगी जिसके बाद देखना ये होगा की अमेरिका-भारत के लिए और छूट देगा या नहीं।

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