अमर भारती :

  1. त्रिपुरा में कैश बरामदगी के चलते मतदान को टाल दिया गया है, बता दें कि कैश फॉर वोट का फार्मूला पुराना नहीं है इसके चलते चुनाव आयोग ने अब फैसला लिया है कि दूसरे में नहीं बल्कि तीसरे चरण में मतदान किया जाएगा। इसलिए अब दूसरे चरण में 97 नहीं बल्कि 95 सीटों के लिए मतदान किया जाएगा। बता दें कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में पहली बार कैश मिलने की वजह से कोई लोकसभा चुनाव रद्द किया गया हो ये पहली बार नहीं हुआ है। इस बार करीब 11 करोड़ रुपए कैश बरामद होने के बाद तमिलनाडु के वेल्लोर सीट पर चुनाव रद्द किया गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने चुनाव आयोग की सिफारिश पर मंगलवार रात इसका ऐलान किया है। फिलहाल चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद से सियासत शुरू हो गई है।
  2. चुनाव में पैसे के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए तमिलनाडु में चुनाव आयोग ने कड़ा एक्शन लिया है। आयोग की टीम ने थेनी जिले के एक दफ्तर पर छापा मारा। इस दौरान टीम और एएमएमके कार्यकर्ताओं के बीच संघर्ष भी हुआ। पुलिस ने चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने के साथ ही 155 कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है। इससे पहले कल आयकर विभाग की टीम ने चुनाव अधिकारियों के साथ मिलकर डीएमके नेता कनिमोझी के यहां भी छापेमारी की थी। इस दौरान टीम ने करीब 1 करोड़ 48 लाख रुपए बरामद किए हैं। यह पैसे 94 पैकेट्स में रखे गए थे जिनपर इन पैकेट्स पर वार्ड नंबर लिखे हुए थे। फिलहाल आयकर विभाग ने बताया कि पार्टी में दफ्तर में पोस्टल बैलेट पेपर भी बरामद किए गए हैं, फिलहाल सभी पोस्टल बैलेट पेपर को सीज कर दिया गया है।
  3. योग गुरु बाबा रामदेव ने पीएम मोदी को एक बार फिर देश का पीएम बनाने की कवायद की है। उन्होंने जयपुर में कहा कि इस चुनाव में आम लोगों को बीजेपी के लिए मतदान करना चाहिए। वह यहां केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर के नामांकन के लिए पहुंचे थे। चुनावी सरगर्मी के बीच बाबा रामदेव के इस बयान को यू-टर्न के रूप में देखा जा रहा है। बता दें कि इससे पहले उन्होंने कहा था कि आगामी लोकसभा चुनाव के बाद देश का पीएम कौन होगा ये नहीं कहा जा सकता है। उस समय बाबा रामदेव के इस बयान को पीएम मोदी के खिलाफ माना जा रहा था।

4. चुनावी मौसम में बेतुकी बयानबाजी का दौर शुरू है, लगातार चुनाव आयोग के रोक लगाने के बावजूद भी नेताओं की जुबान थमने का नाम नहीं ले रही है। आजम खान, मायावती, मेनका गांधी और योगी के बाद अब नया नाम जुड़ गया है। ताजा मामला नवजोत सिंह सिद्धू का है, पंजाब की चुनावी सभा को संबोधित करने के दौरान विवादित भाषण देकर चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया है। सिद्दू मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण करने वाला बयान देकर चुनाव आयोग के निशाने पर आ गए हैं। इस मामले को लेकर चुनाव आयोग ने रिपोर्ट मांगी थी जिस पर रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। बता दें कि सिद्धू ने कहा था ‘मुस्लिम भाईयों ये यहां पर ओवैसी साहेब जैसे लोगों को लाकर आप लोगों के वोट बांटकर ये जीतना चाहते हैं।’ इस मामले को लेकर फिलहाल जांच की जा रही है।

5. लोकसभा चुनाव के दौरान कोटा जिले में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन ने अनूठा तरीका अपनाया है। नेता नहीं बल्कि अभिनेता भी चुनाव प्रचार में उतर आएं हैं। प्रशासन ने जिले में फिल्मी पोस्टर लगवाए हैं, जिसमें कहीं सलमान खान वांटेड फिल्म के डायलॉग के जरिए वोट देने की अपील करते दिख रहे हैं तो कहीं शाहरुख खान अपनी फिल्म डॉन के डायलॉग के जरिए लोगों से वोट डालने की अपील कर रहे है। सलमान के पोस्टर पर लिखा है, ‘एक बार जो मैंने वोट डालने की कमिटमेंट कर दी। उसके बाद तो मैं खुद की भी नहीं सुनता।’ वहीं, शाहरुख के पोस्टर पर लिखा है, ‘मुझे मतदान से रोकना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है।’

चुनाव के दौरान मतदान बढ़ाने के लिए नई पहल

नेता नहीं अभिनेता उतरे चुनावी प्रचार में

सलमान और शाहरुख के डायलॉग का अनोखा इस्तेमाल

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