अमर भारती : पेरिस के सबसे पुराने चर्च नॉट्र डाम कैथेड्रल में भीषण आग लग गई थी, जिसकी प्रसिद्धि दुनियाभर में प्रचलित है। हुआ यूं कि बीते सोमवार को चर्च में आग लग गई, जिसकी वजह से चर्च के शिखर और छत उस आग कि चपेट में आकर ढह गए। इस कैथोलिक चर्च को दोबारा पहले जैसा बनाने के लिए कई लोग मदद के लिए आगे आए। अभी तक चर्च के विकास के लिए करीब 70 करोड़ डॉलर तक का फंड आ गया है। खबरों के मुताबिक फ्रांस के तीन बड़े अमीर परिवारों ने इस फंड में बड़ा हिस्सा दिया है। इन अरबपतियों में एलवीएमएच ग्रुप, केरिंग और लॉरियाल जैसे नाम शामिल है।

सुत्रों से ये पता चला है कि एलवीएमएच और उसके सीईओ बर्नार्ड अर्नाल्ट ने 22.6 करोड़ डॉलर देने का वादा किया है। लॉरियाल कंपनी चलाने वाले बेटेनकोर्ट मेयेर्स परिवार ने भी लगभग इतने ही पैसे देने का वादा किया है। वही केरिंग कंपनी चलाने वाले पिनॉल्ट परिवार ने 11.3 करोड़ डॉलर देने को कहा है। बता दें कि इन परिवारों के अलावा भी फ्रांस की दूसरी कंपनियों ने भी चर्च के पुनविकसित के लिए अपना योग दान देने को कहा है।

बता दें कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों कैथेड्रल में आग लगने के बाद मैक्रों घटनास्थल की ओर रवाना हुए। वहां कि हालत देखकर मैक्रों ने दुखी होते हुए कहा कि उनकी सारी संवेदनाएं कैथोलिक लोगों और पूरे फ्रांस के लोगों के साथ हैं, जो इस दुर्घटना से आहत हुए हैं। मेरे सारे देशवासियों की तरह मैं भी आज बहुत दुखी हूं। मुझे ये देखकर बहुत तकलीफ हो रही है कि हमारा एक हिस्सा जल रहा है।

मैक्रो कहते है कि “850 साल पुराना ये चर्च यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल है। इस आग को काबू में करने के लिए करीब 400 दमकलकर्मी लगाए गए थे। आग को करीब नौ घंटे बाद काबू में किया गया। वहीं आग पूरी तरह बुधवार दोपहर तक बुझी। पेरिस फायर ब्रिगेड के चीफ जीन क्लाउडी गैलेट का कहना है, “हम ये मान सकते हैं कि नॉट्र डाम कैथेड्रल का मुख्य ढांचा सुरक्षित और संरक्षित है। साथ ही दो अन्य टावर भी सुरक्षित हैं।”

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