अमर भारती : भारत के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोपिक फिल्म ‘पीएम नरेंद्र मोदी’ को लेकर मेकर्स और चुनाव आयोग में तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है।

पीएम नरेंद्र मोदी की बायोपिक फिल्म को लेकर मेकर्स और चुनाव आयोग में तनाव अभी भी जारी है। रिलीज से ठीक एक दिन पहले चुनाव आयोग ने फिल्म पर रोक लगाई थी। फिर EC के इस फैसले के खिलाफ मेकर्स ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म ‘पीएम नरेंद्र मोदी’ पर चुनाव आयोग के निर्णय के खिलाफ दायर याचिका पर फैसला सुनाया।

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को आदेश दिया

विवेक ओबेरॉय की फिल्म ‘पीएम नरेंद्र मोदी’ देखें और फिर ये फैसला लें कि क्या इस मूवी को बैन किया जाना चाहिए या नहीं सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को 22 अप्रैल तक अपना विचार सौंपने को कहा है। बता दें, चुनावी माहौल को देखते हुए EC ने मूवी पर रोक लगाई है। ताकि ये मूवी लोकसभा चुनाव पर असर ना डाल सके।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा

लोकसभा चुनाव 2019 खत्म होने तक PM की बायोपिक को रिलीज नहीं किया जाएगा। यकीनन ही ये फैसला मेकर्स के लिए निराशा लेकर आया। क्योंकि पीएम मोदी की बायोपिक को लेकर शुरुआत से ही तनाव बना हुआ है।

बार-बार मूवी की रिलीज डेट टल रही है, राजनीतिक पार्टियां फिल्म का विरोध कर रही हैं, सोशल मीडिया पर लगातार विवेक स्टारर मूवी को ट्रोल किया जा रहा है।

बता दे कि फिल्म को पीएम मोदी की तरफ से मंजूरी मिल चुकी है

इसका बता का खुलासा फिल्म के डायरेक्टर ओमंग कुमार ने एक इंटरव्यू में किया था। उन्होंने बताया था कि ”मैं फिल्म की शूटिंग के दौरान व्यक्तिगत रूप से पीएम से नहीं मिला था। लेकिन बाद में पीएम और उनकी टीम को फिल्म दिखाई गई थी, टीम ने उनसे मुलाकात की और सब कुछ सुलझा लिया गया।

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